सर्वोच्च न्यायालय ने आरक्षित वर्ग और धर्मांतरण से जुड़े मसले पर मंगलवार को स्पष्ट एवं महत्त्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इसके मुताबिक, हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म छोड़कर कोई दूसरा धर्म अपनाने वाला अनुसूचित जाति मूल का व्यक्ति या परिवार संरक्षण, आरक्षण या अन्य वैधानिक लाभ का पात्र होने का दावा नहीं कर सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार धर्म परिवर्तन के साथ ही उसका अनुसूचित जाति का दर्जा समाप्त हो जाता है। शीर्ष अदालत के इस फैसले … सुप्रीम कोर्ट का SC-ST एक्ट पर ऐतिहासिक फैसला:- धर्म परिवर्तन करने पर खत्म होगा SC दर्जा, नहीं मिलेंगे आरक्षण और कानूनी लाभ को पढ़ना जारी रखें
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