भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना अन्तर्गत 27 हितग्राही लाभान्वित होंगे

  
Last Updated:  जुलाई 4, 2024 " 07:48 अपराह्न"

 Ratlam: जनजातीय कार्य विभाग द्वारा भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना अन्तर्गत 27 हितग्राही लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत हितग्राही को उद्योग इकाई के लिए 1 लाख रुपए से 50 लाख रुपए तक की परियोजनाएं तथा सेवा इकाई एवं खुदरा व्यवसाय के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपए की परियोजनाएं सम्मिलित हैं।सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग ने बताया कि योजनान्तर्गत पात्र हितग्राही की आयु 18 से 45 वर्ष, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8 वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक तथा परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। योजनान्तर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को बैंक द्वारा वितरित शेष ऋण पर प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत  अथवा वास्तविक (जो भी कम हो) की दर से ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक (मोरेटोरियम अवधि सहित) नियमित रुप से ऋण भुगतान (निर्धारित समय एवं राशि) की शर्त पर निगम द्वारा त्रैमासिक दिया जाएगा। म.प्र. शासन द्वारा गारंटी फीस देय होगी।योजना हेतु आवश्यक दस्तावेजों में जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, मतदाता परिचय पत्र, अंकसूची, समग्र आईडी क्रमांक, पेन कार्ड, लायसेंस वाहन के प्रकरणों में, स्वयं के दो फोटो, परियोजना प्रपत्र, अन्य कोई दस्तावेज जो योजना में आवश्यक हो। योजनान्तर्गत इच्छुक आवेदक आनलाईन पोर्टल https://samast.mponline.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं।योजना में किराना दुकान, वस्त्र व्यवसाय रेडीमेड वस्त्र व्यवसाय, बर्तन दुकान, हार्डवेयर एवं पेंटस दुकान, प्लास्टिक सामान का व्यवसाय, भवन निर्माण सामग्री व्यवसाय, फर्नीचर, धातु, प्लास्टिक एवं लकडी व्यवसाय, स्टेशनरी दुकान, गल्ला व्यवसाय, रासायनिक एवं जैविक खाद विक्रय, बीज एवं कीटनाशक विकय व्यवसाय, कृषि उपकरण, आटोपार्टस, एवं मोटर पार्टस विक्रय, फल एवं सब्जी व्यवसाय, डेयरी व्यवसाय, मनिहारी व्यवसाय, शू स्टोर, आभूषण व्यवसाय, काँच के सामान विक्रय, चश्मा दुकान, दवाई दुकान, ल्यूब्रीकेटस विकय, आटोमोटिव एवं इंडस्ट्रियल, सायकल रिक्शा, सायकल दुकान, टायर, ट्यूब एवं स्पेयर पार्टस विक्रय, इलेक्ट्रोनिक्स दुकान एवं अन्य पारंपरिक व्यवसाय एवं पारम्परिक आदिवासी शिल्प व्यवसाय इत्यादि शामिल हैं।सेवा गतिविधियों में फोटो कापी, फोटोग्राफी, ऑफसेट प्रिंटिग कार्य, आटो एवं मोटर सायकल रिपेयरिंग, इलेट्रिकल्स एवं एलेक्ट्रोनिक्स हाउस होल्ड रिपेयरिंग, भारी वाहन रिपेयरिंग, टायर रिट्रेरिंग एवं रिपेयरिंग, फर्नीचर रिमोल्डिंग, टेंट हाउस, केटरिंग, ढाबा, रेस्टोरेंट, होटर परिवाहन सेवा, माल ढुलाई, सेंटरिंग कार्य, पैथालाजी लैब, क्लीनिक, फीजिया थेरेपी सेंटर, जिम सेंटर, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, बुटिक, ब्यूटी पार्लर, सलून जेंटस, ड्रायक्लीनर्स सेवा, प्लम्र कार्य, हेंड पंप मैकेनिक, सीट कवर एवं रैग्जीन कार्य, कम्पयूटर जॉबवर्क सेंटर, मोबाईल रिपेयरिंग सेंटर, जूससेंटर, चाय / काफी दुकान, आइसक्रीम पार्लर, झूलाधर, बारातघर, सिविल इंजिनियर एवं आर्कटिटेक्ट कन्सल्टेंसी, लीगल एवं फाईनेन्शियल कंसल्टेंसी कार्य, फास्ट फूड कार्नर, सायकल मरम्मत, कृषि उपकरणों की मरम्मत, वाहनों की सर्विसिंग एवं डेंटिंग पेंटिंग, स्कीन प्रिंटिंग, फलेक्स प्रिंटिंग आदि। व्यवसायिक वाहन जैसे ट्रेक्टर ट्राली, बुलेरो, स्कारपियों, जेसीबी, डम्फर, ट्रक, हार्वेस्टर, लोडिंग मिनी वाहन आदि (व्यवसायिक पंजीयन अनिवार्य) शामिल हैं।उद्योग गतिविधियों में मिनी राईस मिल, फलोर मिल, आयल मिल, दाल मिल, पोहा-मुरमुरा निर्माण, बेसल मिल, डेयरीउत्पादधी, मक्खन एवं पनीर सोया मिल्क, सोयाबडी, सोया पनीर, जेम जेली, आमरसएवं आमचूर निर्माण, बीडी उद्योग, दोना पत्तल निर्माण, बांस बेंत फर्नीचर उद्योग, पीतल शिल्प एवं लोह शिल्प उद्योग, काष्ट शिल्प उद्योग, चटाई-टोकरी उद्योग, अचार पापड निर्माण, ब्रेड, बिस्कुट, टोस्ट निर्माण, सेवाईयां, नमकीन निर्माण, मेकेनाइज्ड रसगुल्ला, मीठा, सोनपपडी निर्माण, पैकेज्ड पेयजल, टमाटर केचप, फार्मा उद्योग इकाईयां एलोपैथिक, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक दवा निर्माण, बायोफर्टिलाईजर निर्माण लिक्विड एवं पाउडर निर्माण, हर्बल कास्मेटिक्स, तेल, कीम पावडरनिर्माण, मसाला निर्माण एवं पैकिंग, हौजरी उद्योग, रेडीमेड वस्त्र निर्माण, सिलाई जॉब कार्य, सभी प्रकार के फर्नीचर, लकडी, धातु एवं प्लास्टिक के ऑफिस फर्नीचर, हास्पिटल फर्नीचर, धरेलू फर्नीचर सोफा, डायनिंग, ड्रेसिंग, दीवान, पलंग आदि ।बैग्स, थैले निर्माण, कैरी बेग्स, स्कूल बैग्स, इलेक्ट्रक फैन, टेबिल फैन, सीलिंग फेन, कूलर अलमारी, रैक्स निर्माण, स्टेशनरी निर्माण, अभ्यास पुस्तिका, आफसेट प्रिंटिंग कार्य, ईट निर्माण, मिनरल प्रोसेसिंग, स्टोन कटिंग एवं पालिसंग, स्टोन कशर, फैसिंग पोल्स, बिरंजी निर्माण, इंजीनियनिंग वर्कशाप, स्टील फैब्रीकेशन, ग्रिल, चौखट, दरवाजा, रैलिंग निर्माण, बेल्डिंग जॉबवर्क, शटर निर्माण, रंग पेंट वार्निश निर्माण, सभी प्रकार के टाईल्स, सभी प्रकार के प्लास्टिक सामान बैग्स निर्माण, ग्लास के खिलौने निर्माण, कृत्रिम आभूषण निर्माण आदि शामिल हैं। आवेदक अपना आवेदन किसी भी कियोस्क सेंटर से ऑनलाईन कर जिला कार्यालय कलेक्टर, जनजातीय कार्य विभाग रतलाम उत्कृष्ट स्कूल के सामने मे भी अन्य जानकारी हेतु संपर्क कर सकते हैं।

chief editor Uttam Sharma. mk choudhari
Spasht.K@gmail.com
Spashtkhabar16@gmil.com

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