MP के सरकारी स्कूलों में खड़े होकर टीचर लेंगे सेल्फी, तभी लगेगी उनकी हाजिरी

  
Last Updated:  जून 22, 2025 " 12:21 पूर्वाह्न"

Bhopal: मध्यप्रदेश में मास्टर साहब अब बिना स्कूल जाए हाजिरी नहीं लगा पाएंगे। उन्हें स्कूल में मुंह दिखाना ही होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने ई-गवर्नेंस के तहत ‘हमारे शिक्षक’ प्रणाली शुरू की है। एमपी के स्कूलों में अक्सर शिक्षकों को लेकर कई नकारात्मक खबरें आती है। इसमें स्कूल से गायब रहना, स्कूल में लेट आना और बिना पढ़ाए आराम फरमाना। अब प्रशासन ने इसका भी तोड़ निकाल लिया। स्कूलों से गायब रहकर मौज मनाने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं रहेगी। अब मुंह दिखाई के बिना उन्हें वेतन नहीं मिलेगा। टीचर्स अब बिना स्कूल जाए हाजिरी नहीं लगा पाएंगे। यह बदलाव ई-गवर्नेंस के तहत ‘हमारे शिक्षक’ प्रणाली के चलते हुए हैं। ताजा व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से बनाई गई है।

शिक्षकों को अब स्कूल पहुंचकर अपनी सेल्फी लेकर इस सिस्टम पर अपलोड करना होगा। इस सेल्फी के साथ उनकी लोकेशन भी पोर्टल में दर्ज हो जाएगी। स्कूल का समय खत्म के बाद भी इसी तरह दोबारा उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

एक जुलाई से शिक्षकों के लिए स्कूल में हाजिरी का नया नियम

दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने एक जुलाई से हाजिरी का यह नया नियम अनिवार्य कर दिया है। यह प्रणाली शिक्षा पोर्टल 3.0 पर उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक शिक्षक के मोबाइल पर इस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होगी। शिक्षकों को प्रतिदिन स्कूल के निर्धारित समय के एक घंटे बाद तक उपस्थिति दर्ज करानी होगी। स्कूल बंद होने के समय से आधा घंटा पहले से आधा घंटा बाद तक स्कूल से वापसी की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। निर्धारित समय सीमा के बाद उपस्थिति दर्ज करने पर आधा दिन का आकस्मिक अवकाश दर्ज किया जाएगा। शिक्षकों को 13 आकस्मिक अवकाश व तीन ऐच्छिक अवकाश से समायोजन किया जा सकेगा। 23 जून से 30 जून तक इसका प्रायोगिक परीक्षण शुरू हो रहा है। इसके बाद 1 जुलाई से इससे उपस्थिति अनिवार्य होगी। इससे जो शिक्षक अपने स्थान पर दूसरों को पढ़ाने भेजते हैं या अनुपस्थित रहते हैं, उस पर लगाम लग सकेगी। नए निर्देशों के मुताबिक इसकी निगरानी जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे।

अपनी जगह दूसरों से पढ़वा रहे शिक्षक

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सवाल खड़े होते रहते हैं। पिछले दिनों सागर, नर्मदापुरम सहित कई जिलों में ऐसे शिक्षक पकड़े गए, जो अपनी जगह पर दूसरों से पढ़ाई करवा रहे थे। वहीं कुछ शिक्षक स्कूलों के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते हैं।

फेल होती है हाजिरी की ऑनलाइन व्यवस्था-

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से 2017, 2020 और 2022 में आनलाइन उपस्थिति शिक्षा मित्र एप के जरिए शुरू की गई थी, लेकिन शिक्षकों ने इस प्रक्रिया का विरोध किया। कभी स्मार्ट फोन तो कभी नेटवर्क का बहाना बनाकर आनलाइन उपस्थिति की प्रक्रिया ठीक से लागू नहीं हो पाई।

विशेष उपलब्धि के रूप में होगी उपस्थिति दर्ज-

शिल्पा गुप्ता, आयुक्त,डीपीआई के मुताबिक, इस सिस्टम के माध्यम से जिन स्कूलों के शिक्षक नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज करेंगे, उनके सेवा अभिलेख में विशेष उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा। भविष्य में ऐसे स्कूलों और शिक्षकों के लिए विशेष प्रविधान किए जाएंगे। शिक्षक अवकाश का आवेदन भी इसी प्रणाली से करेंगे। शासन से किसी भी प्रकार का पत्राचार इसके माध्यम हो जाएगा। शिक्षकों की उपस्थिति 1 जुलाई से अनिवार्य रूप से ऑनलाइन दर्ज होगी। इसके लिए नई प्रणाली तैयार की गई है।

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