रतलाम/48 उत्कृष्ट विवेचक सम्मानित – तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं वैज्ञानिक विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक ने दिए प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार की घोषणा
Last Updated: अक्टूबर 2, 2026 " 02:30 अपराह्न"
तकनीक में रतलाम पुलिस का परचम — अगस्त की CCTNS रैंकिंग में प्रदेश में प्रथम स्थान
रतलाम (स्पष्ट खबर)। रतलाम पुलिस ने तकनीकी सेवाओं के प्रभावी उपयोग एवं डिजिटल पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अगस्त माह की CCTNS मासिक रैंकिंग में ‘A’ श्रेणी के जिलों में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं, थाना स्तर पर पुलिस मुख्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए टैबलेट एवं आधुनिक तकनीकी प्लेटफॉर्म का विवेचना में बेहतर एवं वैज्ञानिक उपयोग करने वाले 48 विवेचकों को पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई।
यह उपलब्धि रतलाम पुलिस की तकनीक आधारित कार्यप्रणाली, सतत मॉनिटरिंग, बेहतर डेटा प्रबंधन एवं टीमवर्क से सफलता प्राप्त हुई है।
अगस्त की CCTNS रैंकिंग में रतलाम को मिला प्रथम स्थान– पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन में जिले के सभी थानों द्वारा CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। CCTNS के माध्यम से FIR पंजीयन से लेकर विवेचना एवं चालान प्रस्तुत करने तक की प्रक्रिया डिजिटल रूप से संचालित की जा रही है। इससे रिकॉर्ड संधारण, डेटा की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता में सुधार हुआ है। रतलाम पुलिस द्वारा वर्ष 2026 में जारी 8 मासिक CCTNS रैंकिंग में 04 बार प्रथम एवं 03 बार द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया है।
तकनीक आधारित विवेचना से पुलिसिंग में आई तेजी– रतलाम पुलिस द्वारा CCTNS के साथ-साथ ICJS, ई-साक्ष्य, ई-प्रॉसिक्यूशन, ई-FSL एवं ई-विवेचना जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
ई-साक्ष्य के माध्यम से घटनास्थल की फोटो एवं वीडियोग्राफी को व्यवस्थित रूप से डिजिटल साक्ष्य के रूप में संधारित किया जा रहा है। ई-प्रॉसिक्यूशन से विधिक राय एवं स्क्रूटनी की प्रक्रिया में तेजी आई है। ई-FSL के माध्यम से फोरेंसिक रिपोर्ट की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं समयबद्ध बनाया गया है। ई-विवेचना हेतु उपलब्ध टैबलेट के माध्यम से फील्ड स्तर पर भी डिजिटल विवेचना को बढ़ावा मिला है। ऑनलाइन ई-समंस एवं वारंट से तामीली की प्रक्रिया अधिक तेज एवं प्रभावी हुई है। ऑनलाइन MLC एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने से रिकॉर्ड संधारण एवं विवेचना में सुविधा हुई है। CCTNS एवं ICJS के माध्यम से आपराधिक रिकॉर्ड की त्वरित जानकारी प्राप्त कर फरार आरोपियों एवं स्थाई वारंटियों की गिरफ्तारी में सहायता मिल रही है।
48 विवेचक सम्मानित — तकनीकी दक्षता को प्रोत्साहन– पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा पुलिस मुख्यालय से प्रदत्त टैबलेट एवं आधुनिक तकनीकी संसाधनों का विवेचना में बेहतर उपयोग करने तथा वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना करने वाले जिले के 48 विवेचकों को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले इन 48 विवेचकों को नकद पुरस्कार से भी पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई। इस पहल का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, गुणवत्तापूर्ण डेटा एंट्री एवं वैज्ञानिक विवेचना के लिए प्रोत्साहित करना है।
CCTNS टीम की महत्वपूर्ण भूमिका– जिला मुख्यालय पर पदस्थ CCTNS टीम द्वारा 24 घंटे थानों के साथ समन्वय स्थापित कर तकनीकी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। टीम द्वारा नियमित रूप से थानों का भ्रमण कर सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर संबंधी समस्याओं का समाधान करने के साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। CCTNS टीम में प्रधान आरक्षक बलराम पाटीदार, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह बिष्ट, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक लोमेश शर्मा, प्रधान आरक्षक (कंप्यूटर) सपना भाटिया एवं प्र आर सीमा द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।