बचपन का घर टूटता देख भावुक हो गए CM मोहन यादव, बोले- पिताजी की मेहनत से बना था मकान
Last Updated: सितम्बर 27, 2026 " 02:34 अपराह्न"
उज्जैन(स्पष्ट खबर)। सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन में तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। इसी कड़ी में शहर में सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है। इस चौड़ीकरण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) का अब्दालपुरा स्थित पुश्तैनी घर भी आ गया है। प्रशासन ने सीएम और उनकी बहन के घर समेत मोहल्ले के 272 घरों को नोटिस दिया था।
शनिवार 27 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने पुश्तैनी घर पहुंचे। उन्होंने घर के बाहर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और फिर खुद गैंती लेकर विकास की नई नींव रखी। जैसे ही उन्होंने घर के एक हिस्से पर गैंती चलाई, उनकी आंखें नम हो गईं और गला रुंध गया।
मीडिया से बात करते हुए सीएम बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “जिस घर में छोटे से बड़े हुए हों, खेले-कूदे हों, उसको तोड़ना पड़े तो मन पर प्रभाव होना स्वाभाविक है। अगर सिंहस्थ के लिए जरूरी है तो हमें यह बलिदान देना ही चाहिए। हम सब मिलकर वो कर रहे हैं। पूरा देश इस बात को देख रहा है कि लोग अपने मकान को आनंद से तोड़ रहे हैं, ताकि दूसरों को मदद मिले।”
पिताजी ने मेहनत से बनाया था मकान
अपने पुश्तैनी घर के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैंने 1982 में साइंस कॉलेज से अपना पहला चुनाव जीता, चाहे वह जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव हो, प्रेसिडेंट का चुनाव हो या विधायक का चुनाव और उसके बाद मैंने जितने भी चुनाव लड़े, उन सभी का गवाह यह इलाका और यह घर रहा है। यह भी सही है कि अगर हम नेता बने हैं तो खुद उदाहरण बनना चाहिए। मेरी ओर से उज्जैनवासियों को बधाई।”
उन्होंने आगे कहा, “यह सच है कि हर किसी की एक जगह होती है जहां वे रहते हैं, पैदा होते हैं और अपना बचपन और जवानी बिताते हैं। हालांकि अगर समाज के लिए जरूरी हो, तो हमारे माता-पिता ने हमें ऐसी चीजों के लिए तैयार रहने के संस्कार दिए हैं। उज्जैन में यह आदर्श उदाहरण है कि लोग स्वेच्छा से अपने मकान को पीछे हटा रहे हैं। हमारे शहर की आबादी 8 लाख है लेकिन जब दुनियाभर से 30-40 करोड़ लोग यहां आएंगे तो किसी को कष्ट न हो इसके लिए हम अपनी तरफ से योगदान दें। उज्जैनवासियों के साथ मैं भी इस प्रक्रिया में शामिल हूं।”
“यह मकान पिताजी ने अपनी मेहनत से बनाया था, जब हम आंख भी नहीं खोले थे तब से यह मकान है और इससे एक लगाव है। वहीं, इस बात की प्रसन्नता है कि पूरे समाज के साथ पूरे मोहल्ले के लोग अपने-अपने आशियानों को तोड़ रहे हैं। इससे पूरे उज्जैन में बड़ा अच्छा संदेश जा रहा है। मैं अपनी पार्टी को भी धन्यवाद देता हूं।”
पीएम मोदी के आदर्शों पर चलने का संदेश और मुआवजा न लेने का ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए हमेशा ऐसे उदाहरण पेश करने चाहिए जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमेशा व्यक्तिगत हितों से परे रहकर सुशासन और नियमों को प्राथमिकता देते हैं।
उन्होंने गर्व के साथ उज्जैन की जनता की भी सराहना की, जिन्होंने बिना किसी भेदभाव के अपने घर और देवस्थानों तक को स्वेच्छा से पीछे हटाया है। चाहे हिंदू हो, मुस्लिम या अन्य कोई वर्ग, सभी ने सिंहस्थ के लिए अभूतपूर्व सहयोग दिया है।
सीएम ने भावुक होते हुए कहा, “घर से बचपन की यादें जुड़ी हैं, थोड़ा भावुक क्षण है। इसके लिए माफी लेकिन कर्तव्य की वेदी पर हमें खुद को इन सारी बातों के लिए दृढ़ता से तैयार रखना चाहिए। हम सब इस बात के लिए तैयार हैं कि हमारे अपने ‘अवंतिका’ में लाखों वर्षों से आतिथ्य की परंपरा रही है। हम अपने घर का कोई मुआवजा नहीं लेंगे, इसकी जरूरत नहीं है। यह हमारी अपनी जिम्मेदारी है।”
730 मीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण से संवरेगा उज्जैन
उल्लेखनीय है कि खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा और गणेश चौक तक लगभग 730 मीटर लंबे इस मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस पर करीब 9.80 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। सिंहस्थ 2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए यह मार्ग बेहद अहम है। सीएम के इस व्यवहार की सभी लोग तारीफ कर रहे हैं।