Ratlam:धामनोद में आवारा कुत्तों का आंतक, राहगीरों पर कर रहे हमला, पालतू पशुओं का शिकार..
Last Updated: अप्रैल 19, 2025 " 10:10 पूर्वाह्न"
Ratlam_ dhamnod: नागरिकों, पशुपालकों में आवारा हिंसक कुत्तों का भय, आवारा कुत्तों का झुंड आक्रमक हो कर नागरिकों और पालतू पशुओं पर कर रहे हमला, स्थानीय नगर परिषद धामनोद के जवाबदार निरुपाय हो कर तमाशबीन बने हुए हैं। यदि कोई पालतू कुत्ता किसी व्यक्ति को काट लेता है तो कुत्ते के पालक/मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है। लेकिन प्रश्न उठता है कि यदि कोई आवारा कुत्ता किसी को काट लेता है तब किसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।
यदि कोई मनुष्य किसी आवारा कुत्ते पर हिंसक हमला करे तो वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो सकता है। लेकिन यदि कोई आवारा कुत्ता किसी मनुष्य पर हिंसक हमला करता है तो किसी भी कानून में कोई मामला दर्ज करने का प्रावधान नहीं है। लेकिन नगर परिषद सम्पत्ति टैक्स, रोड़ टैक्स, बाजार टैक्स आदि जरुर वसूलते हैं। तो लिहाजा नगर परिषद का यह दायित्व है कि वह स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा का यह दायित्व है कि वह स्थानीय लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखें एवं सुरक्षित माहौल भी उपलब्ध कराए। लेकिन स्थानीय नगर परिषद द्वारा इस ओर कोई क़दम नहीं उठाया जा रहा है। इस के प्रति फलस्वरूप नगर में आवारा कुत्तों का आंतक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने सीएमओ नगर परिषद धामनोद के नाम इस विषय में आवेदन भी देकर इस आवारा कुत्तों के आंतक से बचाने की मांग की गई है।
अनेक अध्ययनों से पता चला है कि कुत्तों में आक्रमकता बढ़ रही है और वे अब लोगों और पालतू पशुओं पर हमले अधिक करने लगे हैं। खासकर बच्चे और पशुओं के बछड़े उनके हमले का आसान शिकार बनते हैं। ऐसे में यह स्थिति और चिंताजनक हो गई है। कुछ संगठन पशु क्रूरता अधिनियम के हवाले से आवारा कुत्तों को सरंक्षण प्रदान करते हैं। कुत्तों के प्रति मानवीय संवेदना अच्छी बात है, लेकिन उनकी वजह से अगर लोगों का राह चलना मुश्किल होने लगे, उनके काटने से किसी की जान पर बन आए तो इसे किसी भी रूप में ठीक नहीं कहा जा सकता। कुत्तों का नियमित टीकाकरण नहीं होना भी सिस्टम की नाकामियों की ओर इंगित करता है।