रतलाम पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी प्रकरण का बड़ा खुलासा

  
Last Updated:  दिसम्बर 31, 2025 " 08:13 पूर्वाह्न"

रतलाम पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी प्रकरण का बड़ा खुलासा

Ratlam: अंतरराज्यीय साइबर गिरोह पर पुलिस की निर्णायक कार्यवाही, 1.34 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश

रतलाम (स्पष्ट खबर)। रतलाम पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी प्रकरण का बड़ा खुलासा किया है, पुलिस की निर्णायक कार्यवाही में 1.34 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश किया है । दिनांक 15/11/2025 को फरियादी के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल प्राप्त हुआ। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए फरियादी को गंभीर आरोपों में फंसाने का भय दिखाया। आरोपी द्वारा यह कहा गया कि—फरियादी के नाम से जारी सिम का उपयोग एक बड़े फ्रॉड में हुआ है। मुंबई स्थित केनरा बैंक में लगभग 247 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। उक्त बैंक खाते में फरियादी का आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज लगे हुए हैं। फरियादी द्वारा किसी भी प्रकार की जानकारी से इनकार करने पर उसे गिरफ्तारी वारंट जारी होने और तत्काल गिरफ्तारी का भय दिखाया गया। इसके बाद—व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फरियादी को मानसिक दबाव में लिया गया। आधार कार्ड एवं अन्य निजी दस्तावेज प्राप्त किए गए।फरियादी के मोबाइल में Signal App इंस्टॉल करवाया गया। वीडियो कॉल के दौरान न्यायालय जैसा सेटअप, जज, वकील एवं गवाहों का नाटकीय दृश्य दिखाकर उसे “डिजिटल अरेस्ट” की स्थिति में रखा गया।इस प्रकार आरोपियों द्वारा फरियादी की संपत्ति एवं बैंक खातों की जानकारी लेकर ब्लैकमेल किया गया तथा दिनांक 15/11/2025 से 12/12/2025 के बीच कुल 1 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपये भय एवं छल के माध्यम से प्राप्त कर लिए गए।

घटना की गंभीरता के दृष्टिगत सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ईएफआईआर दर्ज की गई। थाना डीडी नगर पर धारा 318(4), 319(2), 308, BNS धारा 66(सी) एवं 66(डी) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राकेश खाखा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में 18 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

अंतरराज्यीय कार्रवाई एवं गिरफ्तार आरोपी–1. अशोक पिता राधेश्याम जायसवाल, उम्र 61 वर्ष जबलपुर2. सनी पिता सोनु जायसवाल, उम्र 34 वर्ष जबलपुर3. सारांश उर्फ शानु पिता योगेन्द्र तिवारी, उम्र 18 वर्ष जबलपुर 4. एक विधि विरुद्ध बालक(इन आरोपियों द्वारा फरियादी से ठगी गई राशि में से कुल 14 लाख रुपये आपसी साँठ-गाँठ से अपने खातों में प्राप्त किए गए।)5. आरोपी पवन पिता कैलाश कुमावत, उम्र 23 वर्ष, निवासी इन्द्रा कॉलोनी, नयागांव, थाना जावद, जिला नीमच को गिरफ्तार किया गया।(आरोपी के खाते में 14 लाख रुपये की संदिग्ध राशि प्राप्त होना पाया गया।)6. आरोपी अमरेन्द्र कुमार पिता बडेलाल प्रसाद मौर्य, उम्र 34 वर्ष को गिरफ्तार किया गया।आरोपी एक NGO संचालक है, जिसके बैंक खाते में 50 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन पाया गया।7. आरिफ घाटा जामनगर गुजरात 8. हमीद खान पठान जामनगर गुजरात 9.शाहिद कुरेशी जामनगर गुजरात10.सादिक हसन समा जामनगर गुजरातइन आरोपियों द्वारा ठगी गई राशि का उपयोग क्रिप्टो करेंसी की खरीद में कर लगभग 5 लाख रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया।एक टीम बिहार रवाना की गई है, जहां अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।गुजरात में भी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

धाराओं में वृद्धि– सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार माध्यमों का उपयोग कर संगठित रूप से धोखाधड़ी किए जाने पर प्रकरण में धारा 111 BNS का अतिरिक्त इजाफा किया गया है।*सराहनीय भूमिका–

इस जटिल एवं अंतरराज्यीय साइबर अपराध के सफल अनावरण में निम्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष भूमिका रही—निरीक्षक अमित कोरी, निरीक्षक शंकर सिंह चौहान, उप निरीक्षक अनुराग यादव, उप निरीक्षक प्रवीण वास्कले, उप निरीक्षक जीवन बरिया,प्र. आर. हिम्मत सिंह, प्र. आर. मनमोहन शर्मा, प्र. आर. लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक राहुल पाटीदार, तुषार सिसोदिया, मोर सिंह, विपुल भावसार, आर मयंक व्यास आरक्षक पावन जाट, आरक्षक सुनील (थाना दीनदयाल नगर), आरक्षक संजय कुशवाहा (थाना दीनदयाल नगर)।

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