अपनी सफलता का रहस्य बताते हुए सुश्री अंशु जावला ने कहा- मुझे चैबीस घंटे पढ़ाई के अलावा कुछ नही सूझता था
Last Updated: दिसम्बर 23, 2021 " 10:19 पूर्वाह्न"
बड़वानी। मैंने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा प्रथम प्रयास में ही सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली थी। पहली बार में मुझे महिला एवं बाल विकास अधिकारी, दूसरी बार में वाणिज्य कर अधिकारी एवं तीसरी बार में डिप्टी कलेक्टर का पद मिला। पीएससी में सफलता के लिए सही दिशा में और गंभीरता से तैयारी करने की आवश्यकता होती है। मुझे चैबीस घंटे पढ़ाई के अलावा कुछ नहीं सूझता था। मैं अपने समय का भरपूर उपयोग करती थी। मोबाइल तथा सामाजिक कार्यक्रमों से मैंने दूरी बना ली थी ताकि किसी भी तरह का अवरोध मेरी तैयारी में नहीं आये। ये बातें पानसेमल की एसडीएम सुश्री अंशु जावला ने आज शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित की गई पीएससी परीक्षा के चरण और उनमें सफलता के सूत्र कार्यशाला में विद्यार्थियों से कहीं। यह आयोजन प्राचार्य डाॅ. एनएल गुप्ता के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यकर्ता प्रीति गुलवानिया और किरण वर्मा ने बताया कि कॅरियर सेल युवाओं के लिए सफल व्यक्तियों के अनुभव तथा उनकी कार्यनीति पर निरंतर आयोजन कर रहा है। ये हैं सफलता के सूत्र सुश्री अंशु जावला ने कहा कि पीएससी परीक्षा के तीन चरण होते हैं। प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार। प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रणाली पर आधारित दो प्रश्नपत्र होते हैं। सामान्य अध्ययक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सिलेबस के अनुसार वर्णनात्मक सामग्री का अध्ययन करने के बार वस्तुनिष्ठ प्रश्न हल करने का प्रतिदिन अभ्यास किया जाना चाहिए। तीन सौ से पांच सौ आॅब्जेक्टिव क्वेश्चन साॅल्व करने पर तैयारी बहुत मजबूत हो जाती है। मुख्य परीक्षा के अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लिखने का प्रतिदिन अभ्यास करना चाहिए। उत्तर में डायग्राम, फ्लोचार्ट, नक्शे आदि का उपयोग करके अपने उत्तर को यूनिक बनाना चाहिए ताकि अधिकतम अंक मिल सकें। साक्षात्कार में आपके आत्मविश्वास का परीक्षण होता है। आप सम-सामयिक मुद्दों को अच्छे से तैयार करें और निर्भीकता से साक्षात्कार में पूछे गये प्रश्नों के सटीक उत्तर दें। यदि किसी प्रश्न का उत्तर नहीं पता हो तो गलत उत्तर देने की अपेक्षा क्षमा मांगते हुए असमर्थता जाहिर कर दीजिए। सुश्री जावला ने कहा कि समय बहुत कीमती होता है। आप प्रामाणिक अध्ययन सामग्री, अच्छे यू-ट्यूब चैनल आदि का चयन कर लें और पढ़ें। एक विषय पर अनेक किताबें पढ़ने की अपेक्षा एक ही किताब को बार-बार पढ़ें, तो आप ज्यादा सीख पायेंगे। संचालन रवीना मालवीया ने किया। आभार राहुल मालवीया ने व्यक्त किया। सहयोग अंकित काग, राहुल भंडोले, राहुल सेन, राहुल वर्मा, वर्षा मालवीया, दीक्षा चैहान, उमा फूलमाली,डाॅ. मधुसूदन चैबे द्वारा दिया गया।