वायनाड में प्रलय कारी भूस्खलन, गांव खंडहर में बदल गए, 100 से अधिक मौतें, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

  
Last Updated:  जुलाई 30, 2024 " 11:13 अपराह्न"

Wayanad Landslide: भारत के दक्षिण राज्य केरल के वायनाड में भूस्खलन के बाद तबाही मच गई है। भूस्खलन के कारण कई गांव खंडर में बदल गए हैं जहां सिर्फ पहाड़ों का मलबा ही मलबा नजर आ रहा है।
वायनाड में हुए भयानक भूस्खलन में मौतों का आंकड़ा 100 को पार कर चुका है। अभी तक 108 शवों को रिकवर किया गया है। भारी बारिश के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

116 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी भी सैकड़ों लोग लापता हैं। गांव के गांव बह चुके हैं। सारे संपर्क मार्ग जलधारा में विलीन हो चुके हैं। विनाशकारी भूस्खलन में बड़े पैमाने पर मौतों पर शोक जताते हुए केरल सरकार ने दो दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है।

मंगलवार की सुबह वायनाड के मेप्पाडी के पहाड़ी इलाका में तीन घंटे के भीतर चार बड़े भूस्खलन ने हर ओर तबाही मचा दी। भूस्खलन से सबसे अधिक तबाही मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा में मची। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि अधिकतर सड़कें ढह गई हैं। कई पुल बह गए। अधिकतर इलाकों से संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। खराब मौसम की वजह से बचाव कार्य में थोड़ी बाधा आ रही है लेकिन इसे युद्धस्तर पर किया जा रहा है। कन्नूर से आर्मी के जवान वायनाड पहुंच रेस्क्यू में लग चुके हैं।

108 शव बरामद, 116 अस्पताल में भर्ती

भूस्खलन में मारे गए लोगों के अभी तक 108 शवों को रेस्क्यू के दौरान रिकवर किया जा चुका है। 116 लोगों को घायलावस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केरल के मुख्य सचिव वी. वेणु ने 107 से अधिक शवों के बरामद होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हमारे अस्पतालों में करीब 70 से अधिक शव पहुंच चुके हैं। जांच और पोस्टमार्टम के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा, मलप्पुरम में चलियार नदी से 16 शवों को निकाले जाने की सूचना है।

केरल में दो दिनों का शोक

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंगलवार को हुई भयानक तबाही के बाद राज्य में दो दिनों का शोक घोषित किया है। मंगलवार और बुधवार को राज्य में राजकीय शोक रहेगा।

नौसेना की रिवर क्रॉसिंग टीम करेगी मदद

वायनाड में लोगों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री विजयन के अनुरोध पर नौसेना ने एक रिवर क्रॉसिंग टीम भेजने का निर्णय लिया है। आर्मी और एयरफोर्स पहले से ही बचाव कार्य में लगी हुई है। यह लोग एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद कर रहे हैं। हालांकि, बारिश की वजह से वायुसेना के हेलीकॉप्टर्स रेस्क्यू नहीं कर पा रहे।

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