रतलाम में लोकायुक्त की कार्रवाई: एसआई ने मांगी रिश्वत, लेने गया प्रायवेट व्यक्ति को लोकायुक्त ने किया ट्रैप, si के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज-
Last Updated: नवम्बर 12, 2024 " 11:51 अपराह्न"
Ratlam: उज्जैन लोकायुक्त पुलिस द्वारा आज रतलाम में एक बिचौलिए व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार जिले के नामली थाना में पदस्थ एक एसआई ने एक आवेदक से रास्ता खुलवाने के एवज में फरियादी से 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। और रिश्वत के रुपए निजी व्यक्ति को देने के लिए बोला था। रिश्वत के रुपए लेने के लिए एसआई खुद नहीं गया। प्राइवेट व्यक्ति को भेजा दिया। जिसे उज्जैन लोकायुक्त ने मंगलवार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई को महानिदेशक लोकायुक्त जयदीप प्रसाद के निर्देशन में उज्जैन लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के आदेशानुसार डीएसपी सुनील तालान एवं राजेश पाठक उप पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मंगलवार को लोकायुक्त पुलिस ने रतलाम के मेडिकल कॉलेज के पास यह कार्रवाई की है। लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि रतलाम जिले के ग्राम सिखेड़ी निवासी धारासिंह पिता शंभूलाल ने शिकायत की थी। जिसमें बताया कि रास्ते को लेकर विवाद था, नामली थाने में पदस्थ एसआई रायसिंह रावत द्वारा जिसे खुलवाने के बदले 15 हजार रुपए की मांग की गई। शिकायत के बाद टीम बनाकर शिकायक का वेरिफिकेशन की कार्रवाई की। इसके बाद प्लान के मुताबिक मंगलवार दोपहर मेडिकल कॉलेज के बाहर रुपए देने के लिए एसआई को तैयार किया। लेकिन एसआई नहीं आया, उसने एक बिचौलिए प्राइवेट व्यक्ति दिलीप प्रजापति को भेजा। जैसे ही उसे रुपए दिए, तब रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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डीएसपी तालान ने बताया कि प्राइवेट व्यक्ति दिलीप प्रजापति को गिरफ्तार करने के बाद उसी से नामली थाने में पदस्थ एसआई रावत को कॉल लगवाया। उससे कहलवाया कि उसे बताओं की रुपए आ गए है। तब एसआई ने कहा कि रुपए तू रख ले, कल आकर लूंगा। जिसकी रिकॉर्डिंग भी की गई है।
इसलिए एसआई रायसिंह रावत एवं प्राइवेट व्यक्ति दिलीप प्रजापति के खिलाफ धारा 7, भ्र्ष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संसोधन 2018 ) के अधीन प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है । ट्रैप टीम में हितेश लालावत, विशाल, उमेश लोकेश समेत 10 सदस्य शामिल रहे।