हुसैन कौन है और कहां से आया..’, असम CM हिमंता बिस्वा सरमा के बयान से मचा बवाल; कोर्ट में दर्ज हुआ मामला

  
Last Updated:  नवम्बर 1, 2024 " 04:35 अपराह्न"

Jharkhand Chunav 2024: पूर्व विधायक सह हुसैनाबाद से बसपा प्रत्याशी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मेदिनीनगर के न्यायालय में असम (Assam) के मुख्यमंत्री सह झारखंड सह प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) पर परिवाद दर्ज कराया है।

परिवाद में उन्होंने जिक्र किया है कि हुसैनाबाद से भाजपा प्रत्याशी कमलेश कुमार सिंह के नामांकन के बाद कर्पूरी मैदान में आयोजित सभा में हिमंता बिस्वा सरमा ने सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने के लिए विवादित बयान दिया था।

ये दिया था विवादित भाषण-

उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि यह हुसैन कौन है। यह हुसैन कहां से आया। जिसके नाम पर इलाके का नाम हुसैनाबाद का रखा गया है। वह उसका नाम बदल देंगे। राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर हुसैनाबाद जिला बनेगा, लेकिन उसका नाम हुसैनाबाद नहीं होगा। किसी महापुरुष के नाम पर जिला बनेगा।

उन्होंने कहा कि हुसैनाबाद की जनता आपसी सौहार्द्र के साथ रहती है, यहां के लोगों में किसी संप्रदाय के प्रति द्वेष या कटुता नहीं है। सांप्रदायिक वैमनस्यता पैदा करने के लिए इस तरह का बयान देना लोगों की भावना को ठेस पहुंचा है। उन्होंने हेमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) पर सुसंगत धाराओं के तहत संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

आलमगीर आलम और इरफान अंसारी जैसे नेता घुसपैठियों को बढ़ावा दे रहे:- हिमंता

बहरागोड़ा में बुधवार को असम के मुख्यमंत्री ने महिला सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड की राजनीति धीरे-धीरे घुसपैठियों के हाथ में जा रही है। संथाल परगना में भारी संख्या में दाखिल हो चुके घुसपैठियों ने वहां का सामाजिक वातावरण खराब कर दिया है।

झारखंड में भाजपा की सरकार बनते ही बांग्लादेश से आए इन घुसपैठियों को कानून बनाकर निकाल बाहर किया जाएगा। यहां दिनोंदिन हिंदुओं व आदिवासियों की संख्या घटती जा रही है। आलमगीर आलम और इरफान अंसारी जैसे नेता घुसपैठियों को बढ़ावा दे रहे हैं।

हिमंता ने मजाकिया लहजे में कहा कि झारखंड में एक दूजे के लिए फिल्म की शूटिंग चल रही है। हेमंत सोरेन पत्नी कल्पना सोरेन की तारीफ करते हैं और कल्पना हेमंत की। कल्पना के राजनीति में आने से हम जैसे मुख्यमंत्रियों पर दबाव बढ़ गया है। हमारी पत्नी भी अब राजनीति में आने के लिए दबाव डाल रही है। लेकिन भाजपा में यह संभव नहीं है।

कार्यक्रम को सांसद विद्युत वरण महतो, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पार्टी प्रत्याशी डा. दिनेशानंद गोस्वामी ने संबोधित किया।

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