Ratlam: कलेक्टर ने जिलें में उर्वरक, भण्डारण एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया

  
Last Updated:  नवम्बर 11, 2023 " 05:10 अपराह्न"

Ratlam: कलेक्टर ने जिलें में उर्वरक, भण्डारण एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया

रतलाम। जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होने के साथ ही किसानों को नियमित उर्वरक उपलब्ध होता रहे, इस हेतु कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार द्वारा 11 नवम्बर को जिलें के बाजना एवं रावटी में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण का जायजा लिया। जिन समितियों में उर्वरक वितरण में अनयमितता पायी गयी उन समिति प्रबंधको को कलेक्टर द्वारा नोटिश जारी करने के सख्त निर्देश दिये गये। समिति प्रबंधकों को नियमित रूप से किसानों को उर्वरक वितरण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभागीय स्तर के मैदानी अमले को उर्वरक वितरण पर सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि, रतलाम, तहसीलदार बाजना एवं रावटी उपस्थित थे।

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प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति हरथल के समिति प्रबंधक द्वारा बताया गया कि 02 नवम्बर को उर्वरकों की मांग की गयी थी किन्तु उर्वरक 10 नवम्बर तक प्राप्त नहीं हुआ है। इस सम्बन्ध में कलेक्टर श्री लाक्षाकार द्वारा जिला विपणन अधिकारी एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्रबंधक से नाराजगी व्यक्त करते हुये अप्रसन्नता व्यक्त की गई तथा निर्देशित किया गया कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक प्रतिदिन सहकारी समितियों की समीक्षा कर उर्वरकों के मांग एवं उपलब्धता के अनुसार भण्डारण की कार्यवाही सुनिश्चित करें, साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि किसी भी स्थिति में उर्वरकों का समितियों में पूर्णतः भण्डारण रहे। जिले में आज दिनांक तक 21781 मेट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में जिले में 3818 मेट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।

उप संचालक कृषि श्रीमती नीलम सिंह चौहान द्वारा बताया गया कि जिलें में यूरिया की कोई कमी नहीं है। यूरिया के साथ ही डी.ए.पी. 2684 मैट्रिक टन, कॉम्प्लेक्स 4610 मेट्रिक टन. एम. ओ.पी 2745 मेट्रिक टन एवं एस.एस.पी. 8638 मेट्रिक टन उपलब्ध है। सहकारी साख समितियो एवं नगद विक्रय केन्द्रों से उर्वरक लगातार विक्रय किया जा रहा है। अगले 02 दिवस में यूरिया की रेक पाइंट से जिलें को लगभग 1000 मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त हो जायेगा। जिले को यूरिया की आपूर्ति लगातार वरिष्ठालय द्वारा की जा रही है। यूरिया की कोई भी कमी नहीं है यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण साख समितियो एवं डबल लॉक केन्द्रों पर किया गया है।

उप संचालक कृषि, जिला स्तरीय निरीक्षण दल एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा लगातार सहकारी समितियो एवं नगद विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है जिससे की किसानो को सुचारू रूप यूरिया एवं अन्य उर्वरक प्राप्त हो सकें। जिले में गेहूं की बोनी 75 प्रतिशत तक हो चुकी है शेष बोनी का कार्य चल रहा है। जो कि आगामी दिसम्बर माह तक चलेगा। कृषक भाईयों से अपील की जाती है कि फसलों में संतुलित उर्वरक का उपयोग करें फसल की आवश्यकता अनुसार ही नत्रजन फास्फोरस एवं पोटाश का उपयोग करें ।

chief editor Uttam Sharma. mk choudhari
Spasht.K@gmail.com
Spashtkhabar16@gmil.com

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