फर्जी हीबानामा के आधार पर मकान नामांतरण की कार्यवाही करने वाले पिता पुत्र को कारावास
Last Updated: मई 23, 2024 " 08:10 अपराह्न"
Barwani: फर्जी हीबानामा के आधार पर मकान नामांतरण की कार्यवाही करने वाले पिता पुत्र को कारावास
Barwani: प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती संध्या मनोज श्रीवास्तव ने अपने एक फैसले में किराएदार पिता पुत्र को मकान मालिक के मकान को नगरपालिका में फर्जी हीबानामा पेश कर नामांतरण करने के आरोपी पिता बशीर पिता सफी खान तथा पुत्र इमरान पिता बशीर निवासी अस्पताल चौक अंजड को 5 व 7 वर्ष के कठोर कारावास व अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक शिवपाल सिंह सिसोदिया ने की सिसोदिया से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रकरण के तथ्य इस प्रकार है कि फरियादी/ मकान मालिक असलम पिता रफीक ने 7 अगस्त 21 को एक आवेदन दिया जिसमें उसने बताया कि उसका अंजड नगर के वार्ड नं 11 में एक मकान नगरपालिका में दर्ज है। इस मकान को उसने आरोपीगण को किराए से दिया था। जिसके सम्बन्ध में विवाद होने पर हाईकोर्ट में प्रकरण विचाराधीन होकर कोर्ट का स्टे है। इसी बीच आरोपी बशीर द्वारा 6 नवंबर 2019 को नगरपालिका में हीबानामा के आधार पर नामांतरण की कार्यवाही की गई, जिसके सम्बन्ध में आपत्ति भी की गई। आरोपी बशीर खान ने 25 अगस्त 2020 को फर्जी शपथपत्र तैयार कर नगर पालिका अंजड में पेश किया। फरियादी की शिकायत के आधार पर पुलिस अंजड द्वारा जांच उपरांत आरोपी बशीर एवं इमरान के विरुद्ध धारा 420,467,468,470,34 आईपीसी के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस द्वारा आरोपीगण के विरुद्ध अभियोग पत्र अंजड न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां से प्रकरण उपार्पित होकर न्यायालय में निराकरण हेतु आया। प्रकरण में हस्तलिपि विशेषज्ञ की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण साबित हुई।न्यायालय द्वारा आरोपीगण बशीर तथा इमरान को आईपीसी की धारा 467,408 में दोष मुक्त किया वहीं धारा 420/34 तथा धारा 471में दोषसिद्धि मानते हुए क्रमशः 5 वर्ष व 7 वर्ष कठोर कारावास व 1000-1000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में एक अन्य सह आरोपी को फर्जी दस्तावेज तैयार करने में सहयोग करने के आरोप में साक्ष्य नहीं होने से बरी कर दिया गया। प्रकरण में पुलिस की ओर से अनुसंधान आरसी चौहान द्वारा किया गया।