ऋषि कपूर ने 1998 गुरदासपुर में प्रचार किया तो अगले साल पठानकोट में उसी जगह रैली की, जहां विनोद खन्ना पर पत्थर बरसे थे

  
Last Updated:  अप्रैल 30, 2020 " 03:58 अपराह्न"

बॉलीवुड स्टार ऋषि कपूर के निधन से जहां पूरे देश में शोक की लहर है, वहीं गुरदासपुर के लोग भी उन्हें याद कर भावुक हो रहे हैं। साल 1998 में स्वर्गीय विनोद खन्ना ने गुरदासपुर से संसदीय चुनाव लड़ा था, जिस दौरान ऋषि कपूर उनके हक में प्रचार करने के लिए गुरदासपुर पहुंचे थे। उस समय शहर के लोगों ने उनके स्वागत में पलक पांवड़े बिछा दिए थे। आज शहर के लोग उनकी यादों में एक बार फिर से बह उठे हैं। इससे भी ज्यादा कभी न भुला देने वाला वाकया पठानकोट के मॉडल टाउन का है, जब विनोद 1999 में दूसरी बार प्रत्याशी बने थे। एक दिन पहले जहां विनोद खन्ना पर पत्थर बरसे थे, अगले दिन ऋषि ने वहीं रैली की थी।

भाजपा के तत्कालीन ऑफिस इंचार्ज वरिष्ठ भाजपा नेता विजय वर्मा बताते हैं कि उनके गुरदासपुर आगमन को पूरी तरह से छिपाकर रखा गया था। वह उन्हें बाईपास से रिसीव कर सीधे अपने घर ले आए थे। इस बीच आस-पास के लोगों को कहीं से भनक लग गई कि कपूर उनके घर आए हैं। इस बात का पता चलते ही उनके फैन्स की भीड़ घर के बाहर एकत्र हो गई।

छत से लोगों का अभिवादन किया स्वीकार
वह बताते हैं कि लोग इतने बेकाबू हो उठे थे कि उन्होंने उनके घर में पड़े गमले और खिड़कियों के शीशे तक कपूर की एक झलक पाने के लिए तोड़ डाले थे। इस बात का पता चलने पर कपूर उनके घर की छत पर जा पहुंचे और वहां से लोगों का बड़े ही प्यार से अभिवादन स्वीकार किया। वह करीब आधा घंटा तक छत पर खड़े होकर लोगों से मिलते रहे। उनका स्वभाव इतना मधुर था कि ऐसा लगता ही नहीं था कि वह कोई इतने बड़े बॉलीवुड स्टार हैं।

दिवंगत आत्मा की शांति की कामना
ऋषि कपूर ने स्वर्गीय विनोद खन्ना के समर्थन में पहली रैली बहरामपुर रोड पर की। वहां पर लोगों ने उन्हें अथाह प्यार दिया। इसके बाद उन्होंने खन्ना के हक में बटाला और फतेहगढ़ चूड़ियां में रैलियां की। ज्ञात रहे कि इन चुनावों में खन्ना भारी मतों से विजेता रहे थे। वर्मा ने कहा कि कपूर के निधन से वह एक बार तो स्तब्ध रह गए। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की है। इसके अलावा जिला प्लानिंग बोर्ड की पूर्व चेयरपर्सन नीलम महंत, पूर्व जिला भाजपा प्रधान बालकिशन मित्तल, भाजपा राकेश ज्योति, जिला भाजपा प्रधान परमिंदर गिल आदि ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है।

भाषण में कहा था-हम आ गए हैं, कोई कितना भी दम लगा ले हम डरते नहीं
स्वर्गीय विनोद खन्ना से लंबे समय तक करीब से जुड़े रहे पवन शर्मा बताते हैं कि 1999 में विनोद खन्ना दूसरी बार गुरदासपुर से चुनाव लड़ रहे थे और कांग्रेस की धुरंधर नेता सुखवंश कौर भिंडर से तगड़ा मुकाबला था। प्रचार सभाओं के दौरान शहर के मॉडल टाउन में एक सभी में पहुंचे विनोद खन्ना पर कांग्रेसियों ने पथराव कर दिया और उन्हें वहां से निकल जाना पड़ा। बाद में कांग्रेसी नेता जंग बहादुर बेदी समेत कुछ अन्य लोगों पर विनोद खन्ना पर पथराव का केस भी दर्ज किया गया। अगले ही दिन ऋषि कपूर खन्ना के प्रचार को पठानकोट पहुंचे और उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए मॉडल टाउन में उसी जगह पर शाम को चुनावी सभा रखी। भाषण देते हुए फिल्मी अंदाज में ऐलान किया कि हम आ गए हैं और किसी से डरते नहीं कोई कितना भी दम लगा ले। बाद में पटेल चौक, भदरोआ और रामलीला ग्राउंड के पास भी सभाएं कराई गई। डॉ. संजय शर्मा बताते हैं कि ऋषि कपूर खन्ना के चुनाव कार्यालय स्याल हाउस भी गए जहां संजय ने उनके साथ फोटो भी खिंचाई और उसे 20 साल बाद भी सहेज कर रखा है। उस समय के भाजपा से सरकार में जंगलात मंत्री रहे मास्टर मोहनलाल भी ऋषि कपूर के उस चुनावी दौरे को याद करते हुए कहते हैं कि वे जितने ग्रेट आर्टिस्ट थे उतने ही जिंदादिल भी थे और हंसी-मजाक भी खूब करते थे। आर्टिस्ट शम्मी चौधरी, मनु शर्मा, शायर रवी कुमार का कहना है कि रिषी कपूर अपने जिंदादिल अभिनय के लिए याद किए जाते रहेंगे।

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