एक्सप्रेसवे : अधिग्रहण की गई भूमि से अधिक भूमि पर लगा रहे पोल-
Last Updated: अगस्त 21, 2020 " 08:09 अपराह्न"
धामनोद में दो बार सर्वे होने तथा भूमि अधिग्रहण कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद लापरवाही पूर्वक मार्किंग कर लगाये गये पोल,
रतलाम:21, अगस्त 2020(स्पष्ट खबर)| दिल्ली- मुबंई एक्सप्रेसवे हेतु निर्धारित भूमि पर संबधित विभागों द्वारा भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई कर भूमि मार्किंग की प्रक्रिया पूरी की जा चुके हैं एक्स्प्रेसवे हेतु दो मर्तबा भूमि की मार्किंग की जा कर पत्थर भी लगाया गया है उक्त भूमि पर एनएच द्वारा मार्किंग भूमि पर पत्थर लगाकर भूमि चिन्ह हित कर ली गई है उसके बावजूद वर्तमान में जो दिशा सूचक लांग पोल लगाने का कार्य किया जा रहा है वह सर्वे की भूमि से ओवर किया जा कर जिन किसानों को भूमि अधिग्रहण का कोई सूचना नहीं दी गई है उनके खेतों में भी पोल लगाये गये हैं तथा जो पोल लगाये गये हैं इनकी एक से दूसरे व तीसरे पोल में महत्वकांक्षी एक्सप्रेसवे रोड़ को सर्पाकार दर्शाता है, मामला रतलाम जिले के धामनोद का है जहाँ अब बिना भूमि अधिग्रहण से संबंधित विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति में मार्किंग के पोल सर्वे से अलग लगाने पर किसानों में भ्रम की स्थिति उतपन्न हो रहीं हैं|
दोनों मार्किंग पोल की चौडाई में बडा अंतर हैदूसरी बार की गई मार्किंग
एनएच द्वारा दिल्ली- मुबंई एक्सप्रेसवे 1350 किमी सडक बनाई जा रहीं हैं जिसमें जानकारी अनुसार रतलाम जिले की सड़क 9 पैकेज में शामिल की गई है| 244 किलो मीटर की सड़क रतलाम में बनाई जा रही है, जिसकी लागत 8 हजार 200 करोड़ रुपये है| 2700 करोड़ रुपये का वर्क आर्डर जारी हो चुका है | भूमि अधिग्रहण का मुआवजा 600 करोड़ का है, जिसमें से 406 करोड़ रुपये सम्बंधित भूमिस्वामियों को दिये गये है| इसी माह उज्जैन संभागायुक्त कमिश्नर श्री आनन्द कुमार शर्मा ने एनएच द्वारा बनाई जा रही उक्त सडक के निर्माण कार्य की समीक्षा की थी जिसमें एनएच के अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण के विषय में जो निर्देश दिए थे उसका पालन होता नजर नहीं आ रहा है| एनएच द्वारा अधिग्रहण भूमि से भी अधिक भूमि पर पोल लगाने का कार्य धामनोद के किसानों में भ्रम व दहशत फैला रहा है | उक्त पोल लगाने वाले लेबर कांटेक्टर रामसिंह द्वारा पोल लगवाने का कार्य किया जा रहा है जिसने बताया कि एनएच के सोमेश नाम के व्यक्ति हैं वह मार्किंग कर रहे है वहीं पर मजदूर पोल लगाते हैं| इस विषय में श्री सोमेश से चर्चा की तो इनहोने बताया कि जो पहले मार्किंग थी वही रहेगी गलती से पोल लग गए होगें तो सुधार कर दिया जाएगा कोई दिक्कत नहीं है जो भूमि ली है वही रहेगी|
चित्र में जहाँ किसान खड़ा है वहाँ पर पहली एव दूसरी बार मार्किंग पत्थर लगे हैं, तथा हाल ही में सर्वे व मार्किंग भूमि से ओवर जा कर पोल लगाया गया है|