बरैया के बयान पर गरमाई राजनीति, सवर्णों के बाद मुसलमान और अनुसूचित जातियों ने भी जताया विरोध
Last Updated: अक्टूबर 13, 2020 " 07:36 पूर्वाह्न"
दतिया|एमपी में दतिया जिले के भांडेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार फूल सिंह बरैया के विवादास्पद बयान को लेकर राजनीति तेज हो गई है। बयान पर सवर्णों के विरोध के बाद अनुसूचित जाति और मुस्लिम समाज ने भी विरोध जताया है और बरैया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बढ़ते विरोध को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने भी उनके बयान से पल्ला झाड़ लिया है जबकि बीजेपी ने उनके खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।
करीब एक सप्ताह पहले एक चुनावी सभा में बरैया ने सवर्णों के लिए आपत्तिजनक शब्द कहे थे। उन्होंने सवर्ण समाज की महिलाओं के लिए भी अपमानजनक टिप्पणी की थी। बरैया ने कहा था कि अनुसूचित जाति समुदाय एक हो गया तो सवर्णों पर भारी पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि मुसलमानों को देश छोड़कर जाने की बात करने वालों को खुद ही जाना होगा क्योंकि मुस्लिम और अनुसूचित जातियों का डीएनए एक जैसा है।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के महासचिव मोहनलाल पाटिल ने कहा है कि राजनीति के नाम पर वैमनस्य फैलाने की अनुमति किसी को नहीं दी जानी चाहिए। सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था पार्टी के अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी ने बरैया के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है। वहीं, आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने बरैया के खिलाफ कार्रवाई के साथ कांग्रेस की मान्यता खत्म करने की मांग की है।
इधर, मुस्लिम समाज भी उनके खिलाफ खुलकर सामने आ गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम तोयौहार कमेटी के अध्यक्ष औसाफ शाहमीरी खुर्रम ने बयान को बरैया के मानसिक दीवालियेपन का उदाहरण बताया है। खुर्रम ने कहा कि समाज को बांटने वाले बयान के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।