निवाड़ी में बोरवेल में गिरे बच्चे को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी
Last Updated: नवम्बर 6, 2020 " 09:49 पूर्वाह्न"
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में निवाड़ी जिले के सैतपुरा गांव में बोरवेल में गिरे चार वर्षीय मासूम बच्चे प्रहलाद को निकालने के प्रयास सतत जारी हैं। हालांकि, बच्चा अब अचेत अवस्था में है। उसकी आवाज सुनाई नहीं दे रही है। कैमरे में कोई हलचल भी नहीं दिख रही है।
पुलिस के साथ प्रशासन और सेना भी रेस्क्यू में जुटी हुई है। बुधवार देर रात उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पहुंचे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने मोर्चा संभाल लिया है। पांच मशीनों से लगातार खोदाई की जा रही है। गुरुवार शाम तक करीब 55 फीट खोदाई की जा चुकी थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बोरवेल में लगातार आक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।
निवाड़ी: बोरवेल में बच्चा, रेस्क्यू जारी
गौरतलब है कि अंधेरे में भी रिकार्ड करने की क्षमता वाले नाइट विजन कैमरे से लैस टीम भी बोरवेल में लगातार बच्चे पर निगाह बनाए हुए है। कैमरे में बच्चे की हलचल दिखाई नहीं दे रही है। प्रशासन के मुताबिक बोरवेल की गहराई 200 फीट है, लेकिन कैमरे से बच्चा 70 फीट गहराई पर नजर आ रहा है।
इस तरह गिर गया था
गौरतलब है कि सैतपुरा गांव में रहने वाले हरकिशन कुशवाहा अपने चार वर्षीय पुत्र प्रहलाद व स्वजन के साथ बुधवार सुबह नौ बजे खेत पर पहुंचे थे। वह कुछ दिन पूर्व ही खेत में करवाए गए बोरवेल में पाइप डालने की तैयारी में थे। बच्चा खेत में खेलने लगा और वह व अन्य सदस्य पाइप डालने की तैयारी में जुट गए तभी अचानक बच्चा बोरवेल में गिर गया।
प्रार्थना कर रहे ग्रामीण
गांव की विनीता बाई ने बताया कि पूरा गांव प्रहलाद के बोरवेल से शीघ्र निकलने के लिए दुआ कर रहे हैं। बड़ी संख्या में आसपास के गांवों से भी लोग व जनप्रतिनिधि पहुंच गए हैं।
इनका कहना है
55 फीट खोदाई की जा चुकी है। इसके बाद करीब 20 फीट की सुरंग बनाने के लिए मध्य प्रदेश के बीना, सागर एवं उत्तर प्रदेश के झांसी से मशीनें बुलाई गई हैं।