रतलाम|शहर में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड सहित पांच माह पूर्व हुए एक महिला डाक्टर की हत्या के मुख्य आरोपी का रतलाम पुलिस ने मुठभेड़ में एनकाउंटर कर दिया।एसपी गौरव तिवारी ने घटना की पुष्टि की है। आरोपी पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था ।

जानकारी के अनुसार खाचरोद नाके के पास रतलाम तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी दिलीप देवल का पुलिस ने मुठभेड़ में एनकाउंटर किया। एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि आरोपी के संबंध में मुखबिर से सूचना मिली थी जिस पर पुलिस टीम आरोपी को पकड़ने गई थी। पकड़ने गई पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने आरोपी का एनकाउंटर कर दिया। आरोपी को अस्पताल ले जाया गया , जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि मुठभेड़ में 2 सब इंस्पेक्टर सहित 5 पुलिसकर्मियों भी घायल हुए है, इनमें सब इस्पेक्टर और माणक चौक थाना प्रभारी अयुब खान एवं अनुराग यादव शामिल है।
तिहरे हत्याकांड का मास्टर मांइड था दिलीप देवल

रतलाम पुलिस ने राजीव नगर के तिहरे हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए वारदात में शामिल चार आरोपियों में से तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस हत्याकाण्ड के साथ ही पुलिस ने करीब छ: महीने पहले की गई महिला चिकित्सक की हत्या की गुत्थी को भी सुलझा लिया था। उक्त वारदात में भी तिहरे हत्याकाण्ड के मास्टर माइण्ड दिलीप का ही रोल था। इसमें शामिल दो आरोपी भी पकडे जा चुके है।
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नए पुलिस कंट्रोल रुम पर आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी गौरव तिवारी ने इस पूरे हत्याकाण्ड की विस्तार से जानकारी दी थी। श्री तिवारी ने बताया कि सनसनीखेज हत्याकाण्ड के बाद पुलिस के सौ से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी दिन रात इस गुत्थी को सुलझाने में लगे थे।सत्तर हजार से ज्यादा काल डिटेल्स, दो सौ से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज,सौ से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ और सात दिन तक सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों की रात दिन की मेहनत के बाद आखिरकार मामले का खुलासा करने में पुलिस को सफलता मिली। पुलिस ने हत्याकाण्ड में शामिल चार में से तीन आरोपियों को पकड लिया है। इनके कब्जे से लूट का काफी सारा माल भी बरामद कर लिया गया है। हत्याकाण्ड का मास्टर माइण्ड दिलीप फरार था। हत्याकाण्ड के मास्टर माइण्ड दिलीप देवह की गिरफ्तारी या उसकी सूचना देने पर पुलिस ने पचास हजार रु. का ईनाम भी घोषित किया था।
पुलिस के अनुसार साइको किलर था मास्टर माइण्ड
एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद जब इन आरोपियों से पूछताछ की गई तो पता चला कि घटनाक्रम का मास्टर माइण्ड दिलीप देवल पिछले करीब डेढ साल से रतलाम में रह रहा था। नए लोगों से जान पहचान के बाद यह अपने शिकार का चयन करता था। यह अपना शिकार ऐसे परिवार को बनाता था,जहां बिना प्रतिरोध के अधिक से अधिक सम्पत्ति लूटी जा सके। साथ ही साथ जहां महिलाएं हों ताकि वारदात के दौरान अधिक प्रतिरोध ना करना पडे। वारदात के बाद शिकार को गोली मार कर हत्या करना उसकी खास आदत थी,जिससे कि वारदात का कोई चश्मदीद गवाह ना रहे और घटना का कारण बताने वाला कोई ना हो। इसी वजह से यह भी पता नहीं चल पाता था कि हत्या का वास्तविक उद्देश्य क्या था,क्योंकि घर के सभी लोग मर चुके होते थे। दिलीप देवल वास्तव में साइको किलर है।
अपने इन्ही तौर तरीकों के चलते उसने गोविन्द सोलंकी को अपना शिकार बनाने के चुना था। लाक डाउन के दौरान वह शेविंग इत्यादि बनवाने के लिए गोविन्द के घर गया था। उसने गोविन्द के घर को भीतर से देख लिया था और उसे उम्मीद थी कि गोविन्द के घर पर उसे भारी मात्रा में नगदी और जेवरात मिल सकते है। इसी के चलते उसने गोविन्द के घर में घुसकर लूट की योजना बनाई थी और बाकी तीनों आरोपियों को इसके बारे में जानकारी दे दी थी।
छ: हत्याएं कर चुका है दिलीप
एसपी श्री तिवारी ने बताया कि दिलीप देवल अभी तक कुल छ: हत्याएं कर चुका है। इनमें से चार हत्याएं उसने रतलाम मेंकी है,जबकि दो हत्याएं दाहोद में की है। दिलीप देवल के खिलाफ अब तक पांच आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिली है। दाहोद में इसके खिलाफ हत्या के दो मामले दर्ज है। दाहोद में एक व्यापारी की सिर में गोली मार कर हत्या करने के प्रकरण में इसे आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। सजा के दौरान इसे पैरोल पर छोडा गया था,जहां से पैरोल जम्प करके फरार हो गया। रतलाम के औद्योगिक थाने पर इसके खिलाफ बलात्कार और अपहरण का एक प्रकरण पहले से दर्ज हैं|
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