‘दिल्ली चलो’ का नारा, सुबह 11 बजे जयपुर-दिल्ली हाइवे के जरिए करेंगे कूच, सोमवार को भूख हड़ताल

  
Last Updated:  दिसम्बर 12, 2020 " 08:22 अपराह्न"

सांकेतिक तस्वीर

नई दिल्ली|दिल्ली-जयपुर हाइवे जाम करने का शनिवार का कार्यक्रम टलने के बाद अब रविवार और सोमवार के लिए रणनीति तैयार हो गई है। किसान यूनियन के नेताओं ने ऐलान किया है कि वे 14 दिसंबर को भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह 11 बजे राजस्थान के शाहजहांपुर के किसान जयपुर-दिल्ली राजमार्ग के जरिए ‘दिल्ली चलो’ मार्च शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने नए कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करने का फैसला किया है।

उनका कहना है कि सरकार ने उनके आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन वो यह नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शाहजहांपुर राजस्थान और हरियाणा की सीमा पर स्थित है।

दूसरी तरफ, किसान संगठनों ने सरकार के साथ बातचीत का दरवाजा भी खोल रखा है। किसान नेताओं ने शनिवार को कहा कि वो सरकार से वार्ता के लिए अब भी तैयार हैं। हालांकि, वो तीनों नए कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद ही सरकार से कुछ बात करेंगे।


उन्होंने कहा कि इन कानूनों के खिलाफ उनका आंदोलन और तेज होगा। सिंघु बॉर्डर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किसान नेता कंवलप्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि रविवार को सुबह 11 बजे राजस्थान के शाहजहांपुर से जयपुर-दिल्ली हाइवे के जरिए ‘दिल्ली चलो’ मार्च शुरू करेंगे। इस बीच, हरियाणा के एक किसान प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की।

लोकसभा में होता तो बिल फाड़ देता: हनुमान बेनीवाल
उधर, राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहभागी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के चीप हनुमान बेनीवाल ने कहा कि वो कृषि बिल पास होने के दिन लोकसभा में नहीं थे, वरना वहीं उसे फाड़ देते। बेनीवाल ने राजस्थान के कोटपुतली में कहा, “किसान विरोधी तीन बिल जिस दिन लोकसभा में आए अगर मैं उस दिन लोकसभा में होता तो निश्चित रूप से जिस तरह से अकाली दल ने विरोध किया हनुमान बेनीवाल NDA का पार्ट होते हुए भी इन बिलों का विरोध करता और लोकसभा के अंदर बिलों को फाड़कर फेंक देता।”

कानून निरस्त करने के बाद ही वार्ता…
किसान नेताओं ने रविवार को अपनी मांगें दोहराते हुए कहा कि वे सरकार से वार्ता को तैयार हैं लेकिन पहले तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने पर बातचीत होगी। सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता कंवलप्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि देश के कई हिस्सों से किसान यहां आ रहे हैं और वे आने वाले दिनों में आंदोलन को अगले स्तर पर पहुंचाएंगे।

पन्नू ने कहा, ‘अगर सरकार बात करना चाहती है तो हम तैयार हैं, लेकिन हमारी मुख्य मांग तीनों कानूनों को रद्द करने की रहेगी। हम उसके बाद ही अपनी अन्य मांगों पर आगे बढ़ेंगे।’ उन्होंने बताया कि किसान संगठनों के नेता नये कृषि कानूनों के खिलाफ 14 दिसंबर को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक भूख हड़ताल करेंगे। पन्नू ने आरोप लगाया कि सरकार ने आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों ने ऐसा नहीं होने दिया। उन्होंने प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखने का संकल्प लिया।

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