नगरीय निकाय चुनाव : फरवरी से पहले चुनाव कराने की तैयारी, पार्षदों की खर्च सीमा तय –

  
Last Updated:  दिसम्बर 23, 2020 " 02:30 अपराह्न"

भोपाल|मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान भले ही ना हुआ हो लेकिन खबर मिल रही है कि फरवरी के अंत तक चुनाव संपन्न करा दिए जाएंगे। वही मार्च-अप्रैल तक पंचायत चुनाव हो सकते है। प्रदेश की 344 नगरीय निकायों में दो चरणों में मतदान होगा।इसके लिए दिसंबर के आखिर सप्ताह या फिर जनवरी के पहले वीक में तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। इसके लिए राज्य चुनाव आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली है।

दरअसल, राज्य निर्वाचन आयोग की चुनावों की तैयारियों का अंतिम दौर चल रहा है, इसमें तारीखों को लेकर मंथन किया जा रहा है। कोरोना की स्थिति को देखते हुए शिवराज सरकार से फीडबैक भी मांगा गया है। माना जा रहा है कि मप्र विधानसभा सत्र के बाद कभी भी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है, ऐसे इसलिए क्योंकि आयोग ने सरकार से करीब 20 करोड़ रु. अतिरक्त मांगे हैं, अनुपूरक बजट में इसका प्रावधान होगा। यह राशि कोरोना सामग्री (मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर ) के लिए मांगी गई है। सूत्रों की माने तो आयोग की मंशा 30 जनवरी तक चुनाव परिणाम घोषित करने की है, इसके पीछे वजह पंचायत चुनाव है जो कि फरवरी से अप्रैल के बीच में 3 फेज में कराने की तैयारी है।

दो चरणों में होंगे चुनाव

मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों का चुनाव दो चरणों में संपन्न होगा। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए 1 जनवरी 2020 की मतदाता सूची के हिसाब से ही चुनाव आयोजित की जाएगी। जिसके लिए इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन वोटिंग लिस्ट , मतदान केंद्र और सुरक्षा की दृष्टि से आयोग ने अन्य इंतजाम पूरा कर लिया है।नामांकन की प्रक्रिया चुनाव की अधिसूचना जारी करके इसी महीने से शुरू कर दी जाएगी। वहीं जिन जिलों में निकायों की संख्या कम है, वहां चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराए जाएंगे। लेकिन बड़े नगर निगम वाले जिलों में नगरीय निकायों का चुनाव दो चरणों में ही होगा।

जमानत राशि करनी होगी जब्त
नगर निगम, नगर पालिका में पार्षद पद के उम्मीदवारों को शिवराज सरकार ने चुनाव लडना महंगा कर दिया है। पहले नगरीय आम चुनाव में नगर पालिका में पार्षद पद पर खड़े होने की उम्मीदवार को 3000 रुपए जमानत राशि जमा करनी होती थी परंतु इस बार आम चुनाव में यह जमानत राशि को बढ़ाकर 5000 रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही नगर निगम चुनाव में पार्षद पद के लिए जमानत राशि 5000 रुपए थी। जिसे बढ़ाकर 10000 रुपए कर दिया गया है। हालांकि नगर परिषदों में पार्षद पद के चुनाव हेतु जवान शास्त्री 1000 रुपए ही रखी गई है। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और महिला वर्ग को जमानत राशि आधी देनी होगी।

पहली बार लिमिट तय

पहली बार पार्षद प्रत्याशियों के लिए चुनाव खर्च की सीमा 40 हजार रुपए तय कर दी गई है।ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन नामांकन फॉर्म जमा करने की सुविधा एमपी ऑनलाइन पर दी जा रही है। इसके लिए उन्हें अपने चुनाव खर्च का ब्योरा भी जमा कराना होगा।इसके तहत चुनाव की तारीख से 30 दिन के भीतर प्रत्याशी या उसके अधिकृत एजेंट को जिला निर्वाचन अधिकारी के पास व्यय लेखा दाखिल करना होगा। गलत खर्च बताने पर चुनाव निरस्त करने के साथ संबंधित को अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है।

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