23 साल की नौकरी में 36 लाख सैलरी, लोकायुक्त की छापेमारी में पांच करोड़ का मालिक निकला प्राइमरी टीचर
Last Updated: मार्च 17, 2021 " 11:23 पूर्वाह्न"
एमपी भ्रष्ट सरकारी कर्मियों की सूची काफी लंबी है। लोकायुक्त की छापेमारी में यहां फोर्थ ग्रेड के कर्मचारी भी करोड़पति निकले हैं। बैतूल में लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को एक प्राइमरी शिक्षक के घर पर 11 घंटे तक छापेमारी की है, जिसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है।
बैतूल|प्राइमरी टीचर के पास अगर करोड़ों की संपत्ति मिले तो सोच कर हैरान हो जाते हैं। वो भी तब जब पूरी नौकरी के दौरान उसे 36 लाख रुपये की सैलरी ही सरकार से मिली है। लोकायुक्त की छापेमारी में उसके पास से पांच करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त की टीम ने बैतूल जिले में एक प्राइमरी स्कूल टीचर के घर मंगलवार को छापेमारी की है। इस दौरान 24 से ज्यादा संपत्तियों का खुलासा हुआ है। 11 घंटे तक चली इस कार्रवाई के बाद लोकायुक्त ने शिक्षक, उसकी पत्नी और पिता पर भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
23 साल पहले हुई थी नियुक्ति
बैतूल के बगडोना स्थित आलीशान मकान में रहने वाले पंकज श्रीवास्तव रेंगाढाना गांव में स्थित सरकारी स्कूल में प्राइमरी टीचर हैं। इनकी नियुक्ति 1998 में हुई थी । पंकज श्रीवास्तव के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत की गई थी कि इन्होंने आय से अधिक संपत्ति एकत्रित की है। यह भी बताया गया था कि सरकारी नौकरी के साथ ही टीचर साहूकारी का काम करता है। जो लोग कर्ज लेकर नहीं चुकाते थे उनकी संपत्ति यह हड़प कर लेते हैं।
लोकायुक्त की जांच में सही निकला मामला
व्यक्ति की शिकायत पर लोकायुक्त की टीम ने पहले आरोपों की जांच की थी। उसके बाद मामला सही निकला तो मंगलवार को अहले सुबह शिक्षक के घर पर लोकायुक्त की टीम ने दबिश दी। छापेमारी के दौरान शिक्षक के घर से 25 संपत्तियों के दस्तावेज मिले। इसके अलावा एक लाख रुपये नगद और बैंक खातों के साथ लॉकर की भी जानकारी मिली है।
पांच करोड़ की संपत्ति
टीचर के घर से मिले दस्तावेजों से संपत्ति की कीमत पांच करोड़ आंकी गई है। लोकायुक्त ने टीचर पंकज श्रीवास्तव उनके पिता राम जन्म श्रीवास्तव के साथ ही पत्नी पर भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। लोकायुक्त टीआई का कहना है कि तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है ।
इन संपत्तियों का हुआ है खुलासा
आरोपी के 25 संपत्ति की जानकारी लोकायुक्त को मिली है। इसमें भोपाल स्थित मिनाल रेजीडेंसी में डुप्लेक्स, समरधा में प्लॉट, पिपलिया में एक एकड़ भूमि, छिंदवाड़ा में 06 एकड़ भूमि, बैतूल में 08 आवासीय प्लॉट, 06 दुकान बगडोना में 10 अलग-अलग ग्रामों में कृषि भूमि कुल 25 एकड़ होना पाया गया है। कुल कीमत लगभग 05 करोड़ रुपये की संपत्ति होना ज्ञात हुआ है।
पॉश इलाके में संपत्ति
अवैध कमाई का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं, गांव में भी वह आलीशान घर बनाया था। इसके साथ ही भोपाल के जिस मिनाल रेजीडेंसी में उसका डुप्लेक्स है, वह काफी पॉश है। उस सोसायटी में वीवीआईपी लोगों के मकान और फ्लैट हैं। वहीं, प्राइमरी टीचर के पास यहां पर डुप्लेक्स है। लोकायुक्त की टीम आय की तमाम स्त्रोतों का जांच कर रही है।