पुलिस की रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध बडी कार्रवाई, आरोपीगणो में से एक इप्का कंपनी में बतोर एम.आर. है तथा एक सिविल अस्पताल में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर हैं
Last Updated: मई 1, 2021 " 10:01 अपराह्न"
खरगोन पुलिस को सफलता- कालाबाजारी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार , आरोपीगणो के कब्जे से तीन रेमडेसिवीर इंजेक्शन जप्त, 50 हजार प्रति रेमडेसिवीर इंजेक्शन की दर से बेचते थे आरोपीगण जप्त इंजेक्शन की वास्तविक किमत 2697/- रूपये मात्र, आरोपीगणो में से एक इप्का कंपनी में बतोर एम.आर. है तथा एक सिविल अस्पताल में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर हैं ,
इंदौर/खरगोन|पुलिस मुख्यालय एवं आईजी श्री हरिनारायणचारी मिश्र इंदौर व डीआईजी श्री तिलक सिंह के निर्देशानुसार कोरोना महामारी में संक्रमित रोगियों के इलाज में उपयोगी जीवनदायी दवाईया व ऑक्सीजन सिलेण्डरों की कालाबाजारी पर नजर रखने के साथ-साथ उसे रोकने हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके पालन में पुलिस अधीक्षक श्री शैलेन्द्र सिंह चैहान द्वारा एएसपी श्री देहात जितेंद्रसिंह पंवार व एएसपी डॉ. नीरज चैरसिया के मार्गदर्शन में समस्त अनुभागो के एसडीओपी व थाना प्रभारीगणो को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में पुलिस अधीक्षक द्वारा दो दिन पूर्व एक हेल्पलाईन/कम्पलेन नं 7587620100 जारी कर आमजन मानस से यह अपील की गई थी कि अगर किसी के पास कोरोना महामारी में संक्रमित रोगियों के ईजाल में उपयोगी रेमडेसिवीर इंजेक्शन, फेरापिवीर टेब्लेट व ऑक्सीजन सिलेण्डरों आदि की कालाबाजारी होने की सूचना हैं तो उक्त नम्बर पर सम्पर्क कर सूचना दे सकते है। जिसके परिणामस्वरूप गत 29 अप्रैल को विश्वसनीय मुखबीर द्वारा सूचना मिली की दो व्यक्ति अवैध रूप से कालाबाजारी कर उचे दामो पर रेमडेसिवीर के इंजेक्शन बेचने की नियत से घुम रहें हैं। उक्त सूचना पर मुखबीर द्वारा बताये स्थान पोस्ट ऑफिस के पास जाकर देखा, तो पुलिस को मुखबीर द्वारा बताये हुलिये के दो व्यक्ति खडे हुए दिखे। सूचना की तस्दीक हेतु आरक्षक श्री दीपक तोमर को सादा वर्दी में उन दोनों व्यक्तियो के पास रेमडेसिवीर इंजेक्शन खरीदने के संबंध में ग्राहक बनाकर भेजा। दोनों व्यक्तियों द्वारा प्रति इंजेक्शन 50 हजार रूपये की दर से उपलब्ध होना बताया। पूर्ण विश्वास होने के उपरांत पुलिस टीम द्वारा दोनो लडको को घेरकर पकडा मौके पर तलाशी ली गई तो दोनों के पास से कुल तीन रेमडैक कम्पनी के रेमडेसिवीर इंजेक्शन मिले। जिसके संबंध में डॉक्टर का पर्चा अथवा वैध कागजात मांगा गया तो नहीं होना बताया। उक्त दोनों व्यक्तियों के नाम क्रमश: सागर पिता ओमप्रकाश ताम्रकर निवासी जेतापुर एवं निशांत पिता मनोहर पटेल निवासी माली मोहल्ला खरगोन है। सागर इप्का कंपनी में बतोर एमआर के रूप में कार्यरत हैं तथा निशांत की राधावल्लभ में स्पोर्ट्स मटेरियल की शॉप हैं। दोनों से पूछा गया कि यह इंजेक्शन कहां से लाये हो तो बताया कि ज्योति नगर के दीपक जोगे ने यह इंजेक्शन बेचने के लिये दिये हैं। दीपक जोगे द्वारा प्रत्येक इंजेक्शन पर हमें 10000/- रूपये का कमीश्न का कहा गया था। इसी क्रम में दीपक जोगे की तलाश करते हुए पुराना अस्पताल के पास पहुंचे जहां पर से दीपक पिता बाबुलाल जोगे को गिरफ्तार किया गया। दीपक जोगे पेशे से सिवील अस्पताल में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर पदस्थ है। दीपक द्वारा यह इंजेक्शन कहा से लाये गये थे कौन उपलब्ध कराता था इस संबंध में विवेचना जारी हैं। उक्त तीनो आरोपीगणों को थाना कोतवाली लाकर उनके विरूध्द अपराध क्र 327/21 धारा 188 ताहि, धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, धारा 53,57 आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं धारा 4 महामारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई।