रतलाम और दमोह का कोरोना कंट्रोल सिस्टम फेल, मुख्यमंत्री संतुष्ट नहीं-

  
Last Updated:  मई 12, 2021 " 01:57 अपराह्न"

भोपाल| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोनावायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा के दौरान रतलाम और दमोह के कोरोना कंट्रोल सिस्टम के प्रति असंतोष का रेट क्या है। उल्लेखनीय है कि जिलों में संक्रमण की रोकथाम के लिए कलेक्टर एवं कोरोना प्रभारी मंत्री जिम्मेदार हैं। 

रतलाम जिले के लिए विशेष रणनीति बनाएँ: सीएम शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रतलाम की स्थिति चिंताजनक है, वहाँ पर विशेष ध्यान दें। रतलाम में कोरोना ग्रोथ रेट 2.8% है तथा साप्ताहिक पॉजिटिविटी 25.7% है, जो कि राज्य के औसत से काफी ज्यादा है। प्रतिदिन 366 प्रकरण आ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि रतलाम के लिए विशेष रणनीति बनाएँ। जिले में छोटे केन्द्रों पर बिस्तर, ऑक्सीजन आदि की सुविधा प्रदान की जाए।

दमोह की साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 26.3%, कलेक्टर बदलने के बाद भी हालात नहीं बदले

दमोह जिले की समीक्षा में पाया गया कि वहाँ की साप्ताहिक पॉजिटिविटी 26.3% है, जो काफी ज्यादा है। ग्रोथ रेट 2.4% है तथा प्रतिदिन औसत 146 मरीज आ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि जिले में किल कोरोना अभियान के अंतर्गत घर-घर टीम जाए तथा एक-एक मरीज की पहचान कर उनका इलाज किया जाए। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कोरोना कर्फ्यू सख्ती से लागू किया जाए। उल्लेखनीय है कि दमोह में कलेक्टर को बदला जा चुका है। 

10 जिले मुख्यमंत्री के तनाव का कारण बने

मध्य प्रदेश प्रदेश के 10 जिलों में 200 से ज्यादा नए प्रकरण हैं। इंदौर में 1651, भोपाल में 1412, ग्वालियर में 793, जबलपुर में 542, रतलाम में 350, उज्जैन में 275, रीवा में 251, दमोह में 243, शहडोल में 242 तथा शिवपुरी में 210 नए प्रकरण आए हैं। यह सभी जिले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए तनाव का कारण बन रहे हैं।

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