मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रभारी मंत्रियों, प्रभारी अधिकारियों,ज़िला प्रशासन एवं क्राइसिस मैनेजमेंट समूहों को संबोधित किया

  
Last Updated:  जून 13, 2021 " 12:12 अपराह्न"

भोपाल| प्रभारी मंत्रियों, प्रभारी अधिकारियों,ज़िला प्रशासन एवं क्राइसिस मैनेजमेंट समूहों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर संक्रमण को नियंत्रित करना था तो हमने ऊपर से नियंत्रित नहीं किया, हमने नीचे से नियंत्रित करने का काम किया। पंचायतों की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी, वार्ड ब्लॉक और जिले की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी ने सारा दायित्व सम्भाला|

क्या खोलना है क्या बंद करना है इलाज के काम, जनता को कैसे एजुकेट करना है। इसके कारण हमारी एक अद्भुत टीम बन गई।क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के काम, कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने की चर्चा पूरे देश में हुई। मप्र मॉडल के नाम से इसे जाना गया।

आज मप्र बहुत ही सुखद स्थिति है। बीस जिले ऐसे हैं जहां एक भी पॉजिटिव केस नहीं है। हम लगभग नियंत्रण की स्थिति में पहुंच गए हैं। आपने जनता के साथ जो परिश्रम किया वह अद्भुत है। मैं आप सभी के परिश्रम को प्रणाम करता हूं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी का काम खत्म नहीं हुआ। ये ऐसा ढांचा बन गया है जिसको हम बनाए रखना चाहते हैं। ये काम क्या करेगा इस पर आपके सुझाव चाहता हूं। नंबर एक जरूरत है सावधान रहने की, तीसरी लहर र्भी दिखाई दे रही है। हम निश्चिंत ना हो जाएं।

हम 80 हजार टेस्ट रोज करेंगे प्रदेश। जिले के हर​ हिस्से में हमें टेस्ट करना है। कोई छिपा पेशेंट भी ना छूटे। पॉजिटिव केस में से प्रत्येक की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करेंगे।

संपर्क में आए लोगों का भी टेस्ट, जो पॉजिटिव है अभी भी उसे आइसोलेशन में रखें, घर में या कोविड केयर सेंटर हम चलाएंगे वहां रखें। किल कोरोना अभियान अपना चलता रहेगा। गांव में सर्दी, जुखाम, बुखार वहां तत्काल दवाई दें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जितनी योजनाएं कोविड के अंतर्गत बनाई गई हैं। जैसा मुख्यमंत्री COVID—19 बाल सेवा योजना, कोई ऐसा बच्चा ना रह जाए जिसको इसका लाभ ना मिले। अनुकम्पा नियुक्ति योजना, विशेष अनुग्रह योजना, कोविड उपचार योजना, लागू करवाएं। योग से निरोग अभियान से लोगों को बहुत फायदा हुआ है, इसे जारी रखा जाए।

21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आ रहा है। अपने क्षेत्र में योग को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का माध्यम बना सकते हैं। आपके क्षेत्र में प्रयोग कर सकते हैं।

पेड़ लगाने के अभियान को गति देना होगी। आप अपने हर गांव में दो लोग ऐसे छांटिए जो स्वास्थ्य के प्रति जागरुक हैं। उन्हें मिनिमम बेसिक ट्रेनिंग दी जाए जिससे वे गांव में होने वाली बीमारियों पर नज़र रख सकें। ब्लॉक में ऐसे तीन लोग हों।

प्रदेश के हित को ध्यान में रखते हुए क्राइसिस मैनेजमेंट अपना सुझाव दे।क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप संक्रमण की रोकथाम के साथ वैक्सीनेशन के लिए भी लोगों को जागरुक करें। इस महामारी से सीख लेकर हम कुछ अलग करें। अपने-अपने क्षेत्र में। तीसरी लहर से मप्र को बचाना है।

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