रतलाम : रक्षा सूत्र से बंध रहे हैं जीवन प्रबंधन के सूत्र
Last Updated: अगस्त 13, 2021 " 08:46 अपराह्न"
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रतलाम: रक्षा सूत्र से बंध रहे हैं जीवन प्रबंधन के सूत्र
रतलाम | जिले की महिलाएं अपनी कल्पना शक्ति, शासन के सहयोग एवं अपनी मेहनत से रक्षाबंधन पर रक्षा सूत्र तैयार कर जीवन प्रबंधन के लिए नए सूत्र तैयार कर रही हैं। रक्षाबंधन त्योहार के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अच्छे व्यापार की उम्मीद है। ये महिलाएं अलग-अलग वैरायटी की राखी बना रही हैं, उनके दाम भी कम रखे गए हैं । मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन रतलाम के अंतर्गत विभिन्न आजीविका गतिविधियों में एक प्रमुख गतिविधि राखी निर्माण कार्य भी है जो सभी विकासखंड में प्रारंभ किया गया है। विकासखंड पिपलोदा के ग्राम राकोदा में जय श्रीराम आजीविका स्वयं सहायता समूह की सपनाबाई, प्रेमबाई, पर्वतीबाई, पंपाबाई एवं विकासखंड बाजना के ग्राम कुंदनपुर में आनंद आजीविका स्वयं सहायता की पिंकीबाई, ग्राम संगठन आडापथ की महिलाओं ने राखी के निर्माण व क्रय विक्रय गतिविधि प्रारंभ कर दी है। इन महिलाओं द्वारा जूट, रेशम, मोती, कुंदन, फ्लावर आदि वैरायटी की राखी बनाई जा रही है। राखी की दुकान स्थानीय गांव के अतिरिक्त आसपास के हाट बाजारों में दुकान लगाकर और फेरी के माध्यम से विक्रय करेंगे। इसके अलावा जिला पंचायत स्थित आजीविका विक्रय केंद्र के माध्यम से भी विक्रय किया जाएगा। महिलाओं द्वारा निर्मित राखी का भाव 10 रूपए से लेकर सौ रुपए दर्जन तक रखा गया है। इस कार्य के लिए समूह सदस्यों द्वारा समूह से ऋण लेकर रतलाम इंदौर से कच्चा माल भी खरीदा गया एवं राखी बनाने का कार्य किया गया। जिले में 4 गांव के चार समूह की 10 सदस्यों द्वारा यह कार्य किया जा रहा है। इस व्यवसाय से ढाई से तीन हजार रूपए सदस्यों को आय की संभावना है। महिलाओं ने बताया कि रक्षाबंधन त्यौहार से अच्छे व्यापार की उम्मीद है। ये महिलाएं अलग-अलग वैरायटी की राखी बना रही हैं। इनके दाम भी कम रखे गए हैं। इस कार्य से उनके जीवन स्तर को सुधारने में भी मदद मिलेगी।