दिनदहाड़े कोर्ट परिसर में फायरिंग, गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की मौत, पुलिस ने हमलावरों को किया ढे़र

  
Last Updated:  सितम्बर 24, 2021 " 05:34 अपराह्न"

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आज दिनदहाड़े रोहिणी कोर्ट परिसर में फायरिंग से हड़कंप मच गया। किसी को कुछ समझ में नहीं आया कि हुआ क्या है। कोर्ट में हुई इस गैंगवार में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की मौत हो गई। उसे तिहाड़ जेल से कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। बताया जा रहा है कि गोगी के विरोधी सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया गैंग के दो हमलावरों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया।

बताया जा रहा है कि दोनों हमलावर वकील की ड्रेस में आए थे और उन्होंने गोगी को देखते हुए गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। समझा जा रहा है कि काला कोट और काली पैंट पहने होने के कारण उन्हें कोर्ट में आसानी से एंट्री मिल गई। बाद में गोलियों की तड़तड़ाहट से स्पेशल सेल के जवान ऐक्शन में आ गए और दोनों हमलावरों को मौके पर ही मार गिराया।

रोहिणी कोर्ट में जज गगनदीप कुर्सी पर बैठे हुए थे। सुनवाई और दलीलें चल रही थीं। दलीलों के बीच अचानक कोर्ट रूम गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। कोर्ट में वकील के वेश में मौजूद कुछ हमलावरों ने वहां मौजूद गैंगस्टर जितेंद्र गोगी पर गोलियों की बौछार कर दी। कोर्ट में अफरातफरी मच गई। गोलीबारी करने वाले बदमाश गोगी के जानी दुश्मन टिल्लू गैंग के थे।

यह सबकुछ इतना अचानक हुआ कि कोई समझ ही नहीं पाया कि हुआ क्या है। गैंगस्टर गोगी की सुरक्षा के लिए मौजूद स्पेशल सेल के जवान कुछ देर बाद तुरंत हरकत में आ गए। कोर्ट रूम के साथ पूरा परिसर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजने लगा। इस हमले में गैंगस्टर गोगी की मौत हो गई, लेकिन इसके साथ ही स्पेशल सेल की कार्रवाई में तीन बदमाश ढेर हो गए।

जैसे ही गोलियां चलनी शुरू हुई एक पुलिसकर्मी तेजी से कोर्ट रूम से बाहर आता दिखा। पूरे घटनाक्रम के दौरान एक महिला वकील दरवाजे के पीछे एक कोने में ओट लेकर दुबकी खड़ी थीं। कोर्ट रूम में गोली चलने के बीच किसी को भी कुछ भी समझ में ही नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या रहा है। बस अफरातफरी का माहौल था। कोर्ट परिसर में भी बहुत देर तक खौफ का माहौल रहा। वहां मौजूद लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर हो क्या रहा है? आतंकी हमला है या क्या है? उधर, मौके पर तुरंत पुलिसकर्मियों और स्पेशल सेल के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया। गोलीबारी में तीन बदमाश भी मारे गए और कुछ अन्य लोग भी जख्मी हुए हैं।

जितेंद्र मान उर्फ गोगी 30 साल की उम्र में ही ‌जुर्म की दुनिया का कुख्यात नाम हो चुका था। वह और टिल्लू ताजपुरिया कभी जिगरी यार हुआ करते थे। लेकिन 11 साल पहले ऑउटर दिल्ली के एक कॉलेज के छात्र संघ चुनाव के दौरान दोनों की दोस्ती टूट गई। दोनों एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए। दोस्ती टूटने के साथ ही दिल्ली में दोनों गैंग के बीच गैंगवार का सिलसिला शुरू हो गया जिसमें दो दर्जन से ज्यादा अपराधी मारे गए। आखिरकार गोगी भी इस गैंगवार की भेंट चढ़ गया।

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