लोकसभा में भारतीय न्याय ‘द्वितीय’ संहिता 2023 पास, नए बिल से इतना बदल जाएगा कानून

  
Last Updated:  दिसम्बर 20, 2023 " 07:47 अपराह्न"

नई दिल्ली। भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता(Bharatiya Nyaya 2nd Sanhita) 2023 लोकसभा में पारित हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि तीन आपराधिक कानूनों के स्थानों पर लाए गए विधेयक गुलामी की मानसिकता को मिटाने और औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति दिलाने की नरेन्द्र मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं।

शाह ने कहा, इस ऐतिहासिक सदन में करीब 150 साल पुराने तीन कानून, जिनसे हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली चलती है, उन तीनों कानूनों में पहली बार मोदी जी के नेतृत्व में भारतीयता, भारतीय संविधान और भारत की जनता की चिंता करने वाले बहुत आमूल-चूल परिवर्तन लेकर मैं आया हूं।

हत्या पर लगेगी धारा 101-गैंगरेप की धारा होगी 70, नए बिल से इतना बदल जाएगा कानून

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीनों विधेयकों पर हुई बहस का जवाब देते हुए इसे 150 साल की गुलामी की मानसिकता से बाहर आने वाला बताया।

सदन से पास होने के बाद भारतीय दंड संहिता यानी IPC की जगह भारतीय न्याय संहिता बिल 2023 लेगा, CRPAC की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लेगा और एविडेंस एक्ट बदलकर भारतीय साक्ष्य विधेयक-2023 हो जाएगा।

नए विधेयकों के पारित होने के साथ ही वर्तमान में चल रही दंड सहिताओं की धाराओं में भी बदलाव हो जाएगा, नए विधेयकों में कुछ धाराएं बढ़ाई गई हैं, कुछ हटी हैं तो कुछ को बदल दिया गया है. यानी कि अब तक अपराधों में जो धाराएं लगाई जाती थीं उनमें कई अहम बदलाव होंगे, आसान भाषा में समझें तो मर्डर की जगह अब तक लगने वाली धारा 302 अब छिनैती के लिए प्रयोग की जाएगी. मर्डर पर धारा 101 लगेगी. इसी तरह रेप की धारा 376 की जगह अब धारा 70 ले लेगी।

इतनी कम होंगी धाराएं

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में कुल 533 धाराएं होंगी, अब तक लागू सीआरपीसी में 478 धाराएं थीं, इसकी 160 धाराओं को बदला गया है, 9 धाराएं हटी हैं और इतनी ही नई धाराएं जोड़ी गई हैं. ठीक ऐसा ही भारतीय न्याय संहिता में भी हुआ है, हालांकि इसमें तकरीबन 155 धाराएं कम की गई हैं, न्याय संहिता में अब 356 धाराएं होंगी, जबकि अब तक IPC में 511 धाराएं थीं. खास बात ये है कि इसमें से 22 धाराएं निरस्त की गई हैं, जबकि 8 नई धाराओं को शामिल किया गया है, भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 3 धाराएं बढ़ी हैं. अब इसमें 170 धाराएं हैं, इनमें से 23 को बदला गया है, जबकि 5 पूरी तरह से हटा दी गई हैं।

हत्या, धोखाधड़ी, बलात्कार और गैंगरेप की ये होंगी धाराएं

IPC के तहत हत्या पर धारा 302 लगाई जाती है, जबकि नए कानून के तहत इसकी जगह धारा 101 लगाई जाएगी, धोखाधड़ी की धारा 420 की जगह धारा 316 लेगी और अपहरण की धारा 362 की जगह धारा 135 प्रभाव में आएगी. रेप की धारा 375, 376 की जगह धारा 63 और गैंगरेप की धारा 376 की जगह धारा 70 प्रभावी होगी।

हत्या की धारा अब छिनैती में लगेगी, दहेज हत्या की धारा बदलेगी

नए कानून की सबसे खास बात ये है कि इसमें चेन स्नेचिंग या अन्य छिनैती अपराधों के लिए भी धारा तय कर दी गई है, अब तक मर्डर में लगने वाली धारा 302 अब छिनैती के अपराधों में लगाई जाएगी, दहेज हत्या में लगने वाली धारा 304 बी की जगह धारा 799 लेगी, इसके अलावा भीड़ भाड़ और हंगामा करने पर लगने वाली धारा 144 की जगह धारा 187 प्रभावी होगी।

राजद्रोह, देश विरोधी गतिविधि के लिए नई धाराएं

नए कानून के तहत देश द्रोह को अब राजद्रोह कहा जाएगा, इसकी जगह लगने वाली धारा 124 ए की जगह धारा 150 लेगी, देश विरोधी गतिविधि के आरोप में लगने वाली धारा 121 ए की जगह धारा 146 प्रभावी होगी, इसके अलावा देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने वालों पर लगाई जाने वाली धारा 121 की जगह धारा 145 लगाई जाएगी.

शादी का वादा कर यौन सम्बंध बनाने पर लगेगी नई धारा

यदि कोई किसी को आत्आत्महत्या के लिए उकसाता है तो उस पर लगने वाली धारा 306 की जगह अब धारा 106 लेगी. सबसे खास बात ये है कि नए कानूनों में धारा 377 नहीं होगी इसे हटाया गया है. हालांकि इसमें धारा 69 जोड़ी गई है, जो शादी का झूठा वादा कर यौन संबंध बनाने वाले पर लगेगी। इस अपराध में 10 साल की सजा का प्रावधान रखा गया है, खास बात ये कि ये रेप की श्रेणी में नहीं होगा।

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