सिक्किम में SKM को मिली प्रचंड जीत, विपक्ष का सूपड़ा साफ, प्रेम सिंह तमांग दूसरी बार बनने जा रहे cm
Last Updated: जून 2, 2024 " 03:51 अपराह्न"
Vidhan Sabha Chunav 2024: सिक्किम में विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतगणना रविवार (02 जून) को सुबह शुरू हो गई है। सिक्किम की 32 विधानसभा सीटों पर काउंटिंग जारी है। अब तक के रुझानों में सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) लगातार दूसरी बार जीत की ओर बढ़ रही है।
जबकि विपक्षी पार्टी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) उसे सत्ता से बेदखल करने की उम्मीद कर रही है।
सिक्किम चुनाव 2024 के दौरान न केवल एसकेएम और एसडीएफ, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और सिटीजन एक्शन पार्टी-सिक्किम (सीएपी-एस) के उम्मीदवार भी मैदान में थे।
कौन हैं प्रेम सिंह तमांग?
प्रेम सिंह तमांग (Prem singh tamang) का जन्म 5 फरवरी 1968 को हुआ। उन्होंने दार्जिलिंग के एक कॉलेज से बीए किया और एक सरकारी स्कूल में टीचर भी रहे। समाज सेवा के लिए तमांग ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी और फिर वह एसडीएफ में शामिल हो गए। अपने राजनीतिक करियर के दौरान 1994 से लगातार पांच बार तमांग चुनकर विधानसभा पहुंचे। इस बीच तमांग 2009 तक एसडीएफ की सरकार में मंत्री भी रहे। इस बीच 2009-2014 के कार्यकाल के दौरान चामलिंग ने तमांग को मंत्री पद देने से इनकार कर दिया। इसी के चलते तमांग ने पार्टी छोड़ दी और खुद की पार्टी का गठन किया।
चामलिंग की अगुवाई वाले एसडीएफ के संस्थापक सदस्य रहे प्रेम सिंह तमांग (Prem singh tamang) ने बगावत करके 2013 में अपनी पार्टी बनाई थी। उन्होंने पार्टी का नाम सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा रखा। पार्टी बनाने के बाद 2014 में पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में तमांग की पार्टी एसकेएम ने 10 सीटें जीती थीं। बाद में तमांग को 1994 और 1999 के बीच सरकारी पैसे की हेराफेरी के मामले में दोषी ठहराया गया, जिस वजह से उन्हें 2016 में जेल भी जाना पड़ा। बाद में उनकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त कर दी गई। 2018 में तमांग जेल से बाहर निकले।
दूसरी बार हासिल किया पूर्ण बहुमत
प्रेम सिंह तमांग की पार्टी एसकेएम दूसरी बार राज्य में सरकार बनाने जा रही है। तमांग ने जिस पार्टी से अलग होकर खुद की पार्टी बनाई आज वह उसी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। तमांग की पार्टी ना सिर्फ सिक्किम में दूसरी बार सरकार बनाने जा रही है, बल्कि उनकी प्रतिद्वंदी पार्टी एसजीएफ पूरी तरह से खतम नजर आ रही है। एक तरफ जहां सिक्किम की 32 सीटों में से 31 सीटों पर तमांग की पार्टी बढ़त बनाए हुए है तो वहीं एसडीएफ मात्र एक सीट पर ही सिमटी हुई है।