आम जन तक पहुँचाएं नए स्वरूप में लागू किए गए कानून की जानकारियाँ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  
Last Updated:  जून 30, 2024 " 05:16 अपराह्न"

वीडियो कांफ्रेंस द्वारा सभी जिलों को दिए गए निर्देश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr mohan yadav) ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल से देश में गुलामी की निशानियों को समाप्त करने के लिए विभिन्न कार्य हो रहे हैं। इस क्रम में एक जुलाई से देश में अनेक कानून नये स्वरूप में लागू होंगे। दंड के स्थान पर न्याय का महत्व बढ़ें एवं भारतीय नागरिकों को संविधान में प्रदत्त अधिकारों की रक्षा हो सके, इस चिंतन से तीन विधेयक निरस्त कर नए दंडनीय विधेयक लाए गए हैं। आम जन तक इनकी जानकारी पहुँचाने के सभी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज वी़डियों कान्फ्रेंसिंग से प्रदेश के सभी कलेक्टर्स, कमिश्नर्स, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंग्रेजों के समय से चले आ रहे ऐसे विधेयक एवं अधिनिय़म में भारतीय दंड संहिता 1860, दंड प्रक्रिया संहिता (1898), 1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 शामिल हैं। भारतीय दंड संहिता 1860 को भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा। दंड प्रक्रिया संहिता 1898 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2023 द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा। इसी तरह भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 को भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमजन को विभिन्न सेमीनार और वेबीनार के माध्यम से भी इन कानूनों की जानकारी प्रदान की जाए। अभियान संचालित कर नये कानूनों की जानकारियों को प्रचारित किया जाए।

वीडियो कांफ्रेंस में पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रदेश के सभी 982 थानों में नए कानूनों की जानकारी देने के लिए विशेष कार्यक्रम भी एक जुलाई को हो रहे हैं। पुलिस कर्मियों को इनका विस्तृत विवरण प्रदान किया गया है। पूर्व में नए कानूनों से संबंधित प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं।

chief editor Uttam Sharma. mk choudhari
Spasht.K@gmail.com
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