आवारा पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाएं, स्थानीय निकाय का लापरवाह रवैया, गो सेवकों ने सैंकड़ो गोवंश छोड़े गोशाला में.
Last Updated: दिसम्बर 15, 2024 " 12:43 अपराह्न"
Ratlam: जिले के नगर परिषद धामनोद में सड़कों पर विचरण करते आवारा पशुओं और कुत्तों के कारण सड़क दुघर्टनाओं में लोगों को शारीरिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं मूक पशु भी सड़क दुर्घटनाओं में चोटिल हो रहे हैं। लेकिन निकाय द्वारा इनके प्रबंधन के लिए कोई क़दम अभी तक नहीं उठाए गए हैं। सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं में चोटिल लोगों को तो स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जाती है लेकिन दुर्घटनाओं में आवारा मूक पशुओं के चोटिल होने पर स्थानीय निकाय द्वारा भी मूक पशुओं के न उपचार और न प्रबंधन पर कोई ध्यान दिया जा रहा है। विषयों में शासन से लाखों की राशि मिलने के बाद भी निकाय इस और कोई क़दम नहीं उठा रही है, नगर परिषद इस विषय में लापरवाह साबित हो रही है वहीं धामनोद नगर के स्थानीय गो सेवकों द्वारा दुर्घटनाओं में चोटिल पशुओं का उपचार करवा कर इनको आस पास क्षेत्र की गोशालाओं में छोड़ने का कार्य निरंतर कई वर्षों निःस्वार्थ भाव से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
शनिवार रात्रि को धामनोद बायपास पर विचरण करते आवारा मवेशियों में एक गोवंश अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बुरी तरह से घायल हो गया, इस की सुचना मिलने पर स्थानीय गो सेवक मौके पर पहुंचे और पशु-चिकित्सक से गोवंश का उपचार करवा कर रात्रि को निजी वाहन से सैलाना गोशाला छोड़ा गया। गो सेवक नरेंद्र शर्मा (बंटी) ने बताया कि नगर में आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए निकाय के जवाबदारों से कई बार निवेदन किया गया है लेकिन इनके द्वारा कोई ध्यान नहीं देकर इस विषय में गो सेवकों का सहयोग भी नहीं किया जा रहा है। निकाय क्षेत्र में पालतू और आवारा गोवंश की मृत्यु होने पर गो सेवकों द्वारा पशुपालकों का सहयोग कर उनकी अंत्येष्टि का कार्य भी करवा रहे हैं। वहीं आवारा पशु दुर्घटनाओं में घायल होने की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंच कर उपचार करवा कर गोशाला में छोड़ा जा रहा है। लेकिन नगर परिषद द्वारा इस विषय में किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं किया जा रहा है। गो सेवक नरेंद्र शर्मा (बंटी) ने आगे कहां कि अभी तक सैकड़ों गोवंश की अंत्येष्टि करवाई गई है। और दुर्घटनाओं में चोटिल सैंकड़ों गोवंश का उपचार करवा कर कार्यकर्ताओं की मदद से सैलाना गोशाला में छोड़ा गया है। एक वर्ष में ही कार्यकर्ताओं द्वारा लगभग 60 से 70 गोवंश का उपचार करवा कर सैलाना गोशाला छोड़ा गया है।
निकाय क्षेत्र में आवारा पशुओं के कारणवश नागरिकों को भी दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ रहा है, जिनमें नागरिक चोटिल होने के साथ ही वाहन दुर्घटनाओं से आर्थिक हानि हो रही है।
आवारा पशुओं के कारण निकाय में गंदगी भी फेल रही है लेकिन निकाय का कार्य क्षेत्र होने के बावजूद जवाबदारों द्वारा कोई ध्यान नहीं देने से नागरिकों की समस्याओं को बढ़ा रहा है।