हेलीकॉप्टर और बोमा पद्धत्ति से आज विभिन्न गाँवो से 08 रोझड़ो (नीलगाय) को किसानो के खेतों से पकड़ा video..

  
Last Updated:  नवम्बर 1, 2025 " 07:38 अपराह्न"

आज विभिन्न गाँवो से 08 रोझड़ो (नीलगाय) को किसानो के खेतों से पकड़ा

shajapur_ Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. Dr Mohan Yadav के निर्देशों के परिपालन में मध्य प्रदेश और विशेष कर पश्चिम मध्य प्रदेश के राजस्व क्षेत्र में कृष्ण मृग एवं रोजड़ों के द्वारा खेतों को नुकसान पहुंचाने की समस्या के निदान के रूप में दक्षिण अफ्रीका की कंजर्वेशन सॉल्यूशंस की टीम एवं वन विभाग की टीम द्वारा हेलीकॉप्टर और बोमा पद्धत्ति से कृष्णमृगों को पकड़ने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया।

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आज शाजापुर (Shajapur) जिले की शाजापुर तहसील के लाहौरी बड़ला गांव में बोमा लगाया गया। आज विभिन्न गाँवो से 08 रोझड़ो (नीलगाय) को किसानो के खेतों से पकड़कर अन्यत्र संरक्षित क्षेत्रों / राष्ट्रीय उ‌द्यान के जंगलो में छोड़ा जा रहा है। अभी तक 501 कृष्णमृग एवं 67 नीलगाय को पकड़कर अन्यत्र संरक्षित क्षेत्रों/राष्ट्रीय उ‌द्यान के जंगलो में छोड़ा जा चुका हैं। इससे किसानों को होने वाले फसल नुकसान में कमी आएगी और कृषकों की समस्याओं का निदान होगा। इस तरह का देश में ये प्रथम अभियान है। आज इस अभियान में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्री एल कृष्णमूर्ति, मुख्य वन संरक्षक उज्जैन श्री एम आर बघेल के द्वारा बोमा क्षेत्र में उपस्थित रहकर नीलगाय को पकड़ने की कार्यवाही का निगरानी एवं अवलोकन किया गया। इस अभियान के तहत मध्य प्रदेश वन विभाग के द्वारा मैदानी अमले का एक समर्पित दल बनाया गया है। यह दल दक्षिण अफ्रीका की कंजर्वेशन सॉल्यूशंस के दल के साथ प्रशिक्षित हो रहा है। आज दोपहर बाद कांजेर्वेशन सोल्यूशंस और वन विभाग मध्य प्रदेश की टीम द्वारा जिले के अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण करके बोमा लगाने की अगली जगह का निर्धारण किया गया। आगामी समय में वन विभाग मध्य प्रदेश का प्रशिक्षित दल कृष्णमृग और नीलगाय को पकड़ने का अभियान चलाएगा। आज की कार्यवाही में शाजापुर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पूर्ण सहयोग दिया। शाजापुर जिले के ग्रामवासियों द्वारा भी इस अभियान में भरपूर सहयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही आस-पास के ग्रामवासियो से अपील है की आने वाले दिनों की कार्यवाही के दौरान खेतों में जब हेलीकॉप्टर द्वारा हांका लगाया जा रहा हो तो कृष्णमृग और नीलगाय के पीछे ना भागे। साथ ही साथ ग्रामवासियों से अपील है की जब अभियान चल रहा होगा तो आस पास के रास्तों में गाड़ियो में ना घूमे। यह अभियान नवंबर माह के प्रथम सप्ताह तक चलाया जाएगा।

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