अब नहीं बोल सकते हैं नीलगाय! विधानसभा में उप मुख्यमंत्री का ऐलान, किसानों के फसलों को रौंदने वाला जानवर को मिला यह नाम
Last Updated: फ़रवरी 3, 2026 " 07:52 अपराह्न"
Bihar news : बिहार में अब नीलगाय (Nilgai) शब्द का प्रयोग नहीं किया जाएगा बल्कि उसकी जगह घोड़परास (Ghodparas) और नील बकरी (blue goat)जैसे शब्द बोले जाएंगे, बिहार विधानसभा में मंगलवार को इसे लेकर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा (Deputy Chief Minister Vijay Kumar Sinha) ने स्पीकर प्रेम कुमार से खास अपील की।
दरअसल, बिहार में किसानों के फसलों को बर्बाद करने वाले नीलगाय, जिसे घोड़परास भी कहा जाता है, के मुद्दे पर प्रश्नकाल में कई सदस्यों ने विविध सवाल उठाए, सरकार की ओर से घोड़परास (Ghodparas) के नियंत्रण को लेकर जवाब दिया गया।
इसी बीच उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि वे भी कृषि मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने घोड़परास के मुद्दे पर गम्भीरता दिखाई थी, इस बीच उन्होंने सदन के सदस्यों और स्पीकर से खास अपील की कि नीलगाय शब्द का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए बल्कि उसकी जगह घोड़परास और नील बकरी शब्द का प्रयोग करें. उन्होंने कहा कि नीलगाय बोलने से कई लोगों की भावनाएं इससे जुड़ जाती हैं इसलिए इसकी जगह घोड़परास और नील बकरी शब्द का प्रयोग होना चाहिए।