एक्शन में मोहन सरकार:- कलेक्टर, एसपी को हटाने के दिये निर्देश,जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को किया निलंबित
Last Updated: मार्च 22, 2026 " 08:01 अपराह्न"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर सीधी और गुना एसपी को हटाने के दिये निर्देश , जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को किया निलंबित, लापरवाह अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग का अधिकार नहीं, प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन को परखने सीधी में किया औचक निरीक्षण, नागरिकों से रूबरू होकर जानी उनकी समस्याएं
भोपाल (स्पष्ट खबर)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने रविवार को सीधी जिले में अचानक पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति जानी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतों और जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली पर विस्तार से समीक्षा एवं फीडबैक लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और जिला सहकारी बैंक के के महाप्रबधंक पी.एस. धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक गुना अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटाने के निर्देश भी दिये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के संदर्भ में शासन स्तर पर आवश्यक कदम भी उठाये जायेंगे। प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था के चलते अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा की गई लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिये प्रदेश में अभियान के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर भी आयोजित किये जाते हैं। अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश देना चाहता हूँ कि यदि वे फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो उन्हें फील्ड में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शिता के साथ पहुँचे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदाशीनता को गंभीरता से लिया जाकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने सीधी में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में तेजी लाते हुये निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किया जाये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी में औचक निरीक्षण के बाद स्थानीय सर्किट हाउस में आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया। इस दौरान सांसद राजेश मिश्रा, विधायक सिंहावल विश्वमित्र पाठक, विधायक श्रीमती रीति पाठक के साथ ही अन्य जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।