MP पुलिस की बड़ी कार्रवाई, SIT–STF ने भोपाल में सक्रिय नेटवर्क का किया पर्दाफाश

  
Last Updated:  अप्रैल 23, 2026 " 06:56 अपराह्न"

व्हाट्सएप कॉल से फिरौती मांगने वाला संगठित गिरोह ध्वस्त, मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा गिरफ्तार सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

भोपाल (स्पष्ट खबर)। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा प्रदेश में संगठित अपराधों की प्रभावी रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पूर्व में विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया था। इसी के परिप्रेक्ष्य में SIT एवं STF द्वारा समन्वित रूप से यह कार्यवाही की गई है। भोपाल के थाना कोलार रोड क्षेत्र में व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फिरौती मांगने एवं फरियादी के घर की रेकी कर वीडियो बनाकर धमकाने वाले एक संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। विशेष जांच दल (SIT) एवं विशेष कार्य बल (STF), भोपाल की संयुक्त एवं समन्वित कार्रवाई में गिरोह के तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रकरण में आरोपी द्वारा फरियादी को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फिरौती की मांग की गई तथा भय का वातावरण निर्मित करने हेतु उसके निवास की गुप्त रूप से रेकी कर वीडियो तैयार कर उसे भेजा गया। इस प्रकार की सुनियोजित आपराधिक गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं सतत निगरानी के आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान दिनांक 16 अप्रैल 2026 को रेकी कर वीडियो बनाने वाले आरोपी निर्मल तिवारी (निवासी जिला बांदा, उत्तरप्रदेश) को गिरफ्तार किया गया। विस्तृत पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि उक्त आपराधिक कृत्य के लिए उसे गिरोह के मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा (निवासी जिला बांदा, उत्तरप्रदेश) द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की गई तथा पूरी योजना के संबंध में निर्देशित किया गया था।

निर्मल तिवारी की गिरफ्तारी के उपरांत मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से नेपाल भागने की फिराक में था, जिसे एसआईटी एवं एसटीएफ की टीम द्वारा त्वरित एवं सटीक कार्रवाई करते हुए दिनांक 20 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रकरण में एक अन्य आरोपी जे.पी. डारा (निवासी जिला बीकानेर, राजस्थान) की भूमिका भी महत्वपूर्ण पाई गई, जो गिरोह के सदस्यों को समय-समय पर अपराध के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक संसाधन एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता था। उक्त आरोपी को भी गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिससे गिरोह के अन्य नेटवर्क एवं गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होने की संभावना है।

यह उल्लेखनीय कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डी. श्रीनिवास वर्मा, उप पुलिस महानिरीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ भोपाल राजेश सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवीन कुमार चौधरी तथा पुलिस अधीक्षक एटीएस वैभव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपन्न की गई।

कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती योगिता साटनकर के नेतृत्व में निरीक्षक आशीष चौधरी, उपनिरीक्षक मनोज यादव, उपनिरीक्षक अमित शर्मा, उपनिरीक्षक सुनील रघुवंशी सहित एसआईटी एवं एसटीएफ के अधिकारी/कर्मचारियों की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर, त्वरित एवं तकनीक-आधारित कार्रवाई निरंतर जारी है। आमजन की सुरक्षा एवं विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 188 total views

Facebook Comments

Related Posts

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *