लोक निर्माण विभाग के औचक निरीक्षण में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष फोकस लापरवाही पर सहायक यंत्री एवं उप यंत्री को नोटिस एवं ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश

  
Last Updated:  अप्रैल 25, 2026 " 11:30 पूर्वाह्न"

लोक निर्माण विभाग के औचक निरीक्षण में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष फोकस
लापरवाही पर सहायक यंत्री एवं उप यंत्री को नोटिस एवं ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश,
अच्छे कार्यों की सराहना, दोषपूर्ण कार्यों में सुधार के लिये दिये स्पष्ट निर्देश

भोपाल (स्पष्ट खबर)। लोक निर्माण विभाग (Public Works Department) में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 22 अप्रैल को मुख्य अभियंताओं के सात दलों द्वारा विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण हरदा, मंडला, ग्वालियर, इंदौर, सतना, देवास एवं पन्ना जिलों में किया गया, जिसमें कुल 35 कार्यों का रैंडम आधार पर चयन कर परीक्षण किया गया।

निरीक्षित कार्यों में 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल), 6 कार्य पीआईयू (भवन), 7 कार्य म.प्र. सड़क विकास निगम तथा 1 कार्य म.प्र. भवन विकास निगम से संबंधित थे। निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा बैठक म.प्र. सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।

पन्ना जिले में गुनौरगंज-चंदला मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित सहायक यंत्री एवं उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा ठेकेदार मेसर्स साई इंफ्राटेक को काली सूची में डालने के लिये निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त अन्य 31 कार्यों में आंशिक सुधार के निर्देश जारी किए गए। इंदौर जिले में आईडीसी द्वारा इंदौर-उज्जैन (एसएच-59) मार्ग के 6 लेन निर्माण कार्य को संतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार मेसर्स महाकाल हाईवे प्राइवेट लिमिटेड की प्रशंसा की गई।

सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निरीक्षण प्रतिवेदनों में दी गई अनुशंसाओं का पालन करते हुए आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण कराए जाएं। आगामी निरीक्षण से पूर्व के निरीक्षणों के लंबित बिंदुओं का पूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण में गुणवत्ता सुधार लाते हुए शिकायतकर्ताओं को संतुष्टिपूर्वक जानकारी देने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभागीय कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने के लिये ई-ऑफिस के उपयोग को अनिवार्य करने, लोक कल्याण सूचकांक में प्रविष्टियां प्रारंभ करने तथा वर्षाकाल पूर्व निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

भवन निर्माण पूर्ण होने के पश्चात संबंधित विभाग को हस्तांतरण की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

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