इंदौर में फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर बड़ा एक्शन, 13 से अधिक संस्थान सील
इंदौर, 23 जून (स्पष्ट खबर)। लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद इंदौर प्रशासन फायर सेफ्टी नियमों को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर सोमवार को शहर के कोचिंग सेंटरों, रेस्टोरेंट्स और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया गया। भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में एक ही दिन में 13 से अधिक संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया गया।
कैटेलाइजर और रेज़ोनेंस कोचिंग पर कार्रवाई
प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले भंवरकुआं स्थित कैटेलाइजर कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। यहां फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिली थीं। जांच के दौरान आग से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण नहीं मिले और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। इसके बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
इसके पश्चात एसडीएम घनश्याम धनगर (Ghanshyam Dhangar) के नेतृत्व में टीम रेज़ोनेंस कोचिंग सेंटर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि संस्थान को करीब तीन माह पूर्व नोटिस जारी कर खामियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तय समय सीमा के बाद भी सुधार नहीं किया गया। फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पर संस्थान को सील किया गया।
माखनवाला रसोई और अन्य संस्थान भी लपेटे में
कार्रवाई का दायरा केवल कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं रहा। फायर सेफ्टी विभाग की टीम माखनवाला रसोई रेस्टोरेंट भी पहुंची, जहां फायर ऑडिट नहीं कराया गया था। नोटिस के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं मिला। निरीक्षण के दौरान जलती भट्टी के समीप बड़ी मात्रा में कोयला रखा मिला, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था।
इसी तरह रामानुजन कोचिंग सेंटर पर नोटिस के बावजूद सुरक्षा उपकरण नहीं लगाए गए थे। प्रशासन ने संस्थान को सील कर दिया। इसी दौरान बेसमेंट में संचालित एक अवैध ऑटो सेंटर को भी बंद कराया गया। मेडिकोज करियर इंस्टीट्यूट की जांच में भवन जर्जर हालत में पाया गया तथा वहां भी फायर सेफ्टी उपकरण अनुपस्थित मिले। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए संस्थान को सील कर दिया गया।
13 से अधिक भवन सील, 70 पार हुआ आंकड़ा
एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में पूरे दिन चली कार्रवाई के दौरान 13 से अधिक संस्थानों की जांच की गई और गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उन्हें सील किया गया।
जूनी इंदौर क्षेत्र में भी विभिन्न कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सघन जांच की गई। इस अभियान में तहसीलदार राकेश सस्तिया, कमलेश कुशवाह, नायब तहसीलदार अशोक परमार, भवन अधिकारी अंकेश बिरथरे, शैलेंद्र मिश्रा तथा राहुल रघुवंशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान नालंदा परिसर, स्टडी आईएएस, माईंड कोचिंग क्लासेस, उड़ान करियर इंस्टीट्यूट, अड्डा, विनायक, स्टडी आईक्यू, इंस्पायर लाइब्रेरी, ईरा लाइब्रेरी, गुरुकुल क्लासेस, श्री जी लाइब्रेरी, सारथी लाइब्रेरी, केटेलाइजर कोचिंग संस्थान, नुकलियम कोचिंग संस्थान, आयाम कोचिंग संस्थान, इकरथ कोचिंग संस्थान सहित अन्य परिसरों में कार्रवाई की गई। कुल 13 भवनों को सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने के कारण सील किया गया।
कलेक्टर ने दी सख्त चेतावनी
कलेक्टर शिवम वर्मा (Collector Shivam Verma) ने स्पष्ट किया कि शासन के आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम लगातार बड़े भवनों, कोचिंग संस्थानों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही है। अब तक 70 से अधिक भवनों को फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने पर सील किया जा चुका है।
कलेक्टर ने सभी भवन संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे मानकों के अनुरूप फायर सेफ्टी व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने कहा कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन जनहित एवं जनसुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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