रतलाम में अवैध खनन का काला सच: छापे से 30 मिनट पहले लीक हो जाती है पूरी प्लानिंग
Last Updated: जुलाई 31, 2026 " 12:00 अपराह्न"
Ratlam: जेसीबी- डंपर से सरकारी जमीन से खनन चोरी, माफिया का खुफिया नेटवर्क कर रहा अधिकारियों की जासूसी
सैलाना बायपास पर सीएम राइज स्कूल के पीछे बड़े-बड़े गड्ढे, छापे से 30 मिनट पहले लीक हो जाती है पूरी प्लानिंग
रतलाम,(स्पष्ट खबर)। सरकार एक ओर खनिज संपदा के अवैध दोहन पर रोक लगाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर रतलाम जिले के सैलाना बायपास क्षेत्र में खनन माफिया पूरी बेखौफी के साथ सरकारी जमीन को खोखला कर रहे हैं। जेसीबी मशीनों से बेतरतीब खुदाई कर सरकारी जमीन से खनन चोरी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध कारोबार को माफियाओं का इतना मजबूत और संगठित खुफिया नेटवर्क चला रहा है कि खनन विभाग के अधिकारी पहुंचें उससे पहले ही सबूत मिटा दिए जाते हैं।
कहां चल रहा है खेल सैलाना बायपास स्थित सीएम राइज स्कूल के ठीक पीछे शासकीय भूमि पर पिछले 15-20 दिनों से अवैध खनन का काम धड़ल्ले से चल रहा है। रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक और दोपहर में भी जेसीबी से डंपर भरकर ट्रैक्टर-डंपर की कतारें यहां देखी जा सकती हैं। यहां से निकाली गई मिट्टी और मुरम को ओवरलोड कर आसपास के निर्माण कार्यों में सप्लाई की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार रोजाना दर्जनों वाहन यहां से गुजरते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है।
मौके का हाल: जगह-जगह गहरे गड्ढे उक्त भूमि पर जाकर देखा तो चारों ओर 10 से 15 फीट गहरे गड्ढे बने हुए हैं। जेसीबी मशीन से अंधाधुंध खुदाई की गई है। अवैध खनन के कारण जमीन का स्वरूप पूरी तरह बिगड़ चुका है। सीएम राइज स्कूल पास में होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बढ़ गया है।
फिर दोहराया गया वही पैटर्न सूत्रों के अनुसार गुरुवार को भी खनन विभाग के अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो उनसे करीब 25 से 30 मिनट पहले ही सारी जेसीबी मशीनें और डंपर वहां से हटाए जा चुके थे। अधिकारी जब स्थल पर पहुंचे तो उन्हें सिर्फ खुदाई से बने गड्ढे और टायरों के निशान मिले।
माफिया का ‘जासूसी’ मॉडल कैसे काम करता है सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार माफियाओं ने अधिकारियों पर नजर रखने के लिए 3-स्तरीय मुखबिर तंत्र बना रखा है:
पहला स्तर – ऑफिस और घर: खन विभाग के कार्यालय के आसपास और अधिकारियों के घर के पास माफियाओं के मुखबिर तैनात रहते हैं। जैसे ही कोई अधिकारी वाहन लेकर निकलता है, उसकी लोकेशन तुरंत व्हाट्सएप कॉल के जरिए आगे भेज दी जाती है।
दूसरा स्तर – रूट फॉलोइंग: शहर से सैलाना बायपास तक के रूट पर बाइक सवार मुखबिर अधिकारियों के वाहन के आगे-पीछे चलते हैं। रास्ते में कहां रुके, कितनी देर में पहुंचेंगे, इसकी पल-पल की जानकारी दी जाती है।
तीसरा स्तर – साइट अलर्ट: साइट पर पहले से तैनात व्यक्ति को जैसे ही “रेड अलर्ट” मिलता है, वैसे ही 25-30 मिनट के अंदर पूरे अवैध खन स्थल को खाली करा दिया जाता है। वाहन, और मशीनें गायब और अधिकारी पहुंचते हैं तो सिर्फ खाली जमीन।
इसी वजह से पिछले कई प्रयासों के बाद भी खन विभाग के हाथ खाली रह गए हैं।
राजस्व हानि: अनुमान है कि यहां से रोजाना 50-60 ट्रिप अवैध मुरम निकल रही है। इससे सरकारी खजाने को रोज लाखों का नुकसान। कानून का मजाक: सरकारी जमीन पर इस तरह का अतिक्रमण शासन-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।