चंदन का उत्पादन: मात्र 1 लाख की पूंजी में 60 लाख का मुनाफा

  
Last Updated:  फ़रवरी 21, 2020 " 04:26 पूर्वाह्न"

भारत में महंगाई और बेरोजगारी एक साथ बढ़ रही है। दोनों की स्पीड काफी तेज है। बेरोजगारों के पास योग्यता अनुसार व्यवसाय करने के लिए पूंजी नहीं है। रिटायर पिता चाहता है कि अपने रिटायरमेंट फंड को किसी ऐसी जगह पर निवेश करूं जहां से बैंक के अबकी से ज्यादा मुनाफा हो और मेरे बेरोजगार बेटे के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न ना हो। बाजार में इन दिनों हजारों स्टार्टअप आइडिया वायरल हो रहे हैं परंतु जानकारी एवं अध्ययन के अभाव में लोग उन तरीकों की तरफ ध्यान नहीं दे रहे जिनमें एक बार पैसा लगाने के बाद सारी जिंदगी एक पोटी कमाई की जा सकती है। हम आपको एक ऐसा ही न्यू बिजनेस आइडिया देने जा रहे हैं। या भारत का पारंपरिक व्यवसाय है परंतु ज्यादातर लोग इसे खेती कहते हैं। इसमें मात्र 1 एकड़ जमीन और करीब ₹100000 की पूंजी लगाने के बाद 4 करोड़ 80 लाख रुपए तक कमाए जा सकते हैं।

चंदन की खेती: करोड़ों का मुनाफा

मात्र एक एकड़ खेत में चार करोड़ अस्सी लाख रुपए तक की मोटी कमाई कराने वाली सफेद चंदन की खेती किसी भी किसान के लिए लॉटरी से कम नहीं। इसकी खास तरह की खुशबू और इसके औषधीय गुणों के कारण भी इसकी पूरी दुनिया में भारी डिमांड है। इसकी एक किलो लकड़ी भारत में ₹10000 और विदेशों में ₹25000 तक बिक रही है। यह कीमत कभी कम नहीं होने वाली क्योंकि इसके उत्पादकों की संख्या लगातार गिर रही है। गोरखपुर के चंदन उत्पादक अविनाश कुमार का कहना है कि आने वाले कुछ वर्षों में सफेद चंदन का भाव आसमान छू सकता है। चंदन की खेती में सबसे मोटी कमाई है। मात्र अस्सी हजार से एक लाख रुपए लगाकर 60 लाख रुपए सालाना तक का मुनाफा हो रहा है। मधुबनी (बिहार) के अविनाश पत्रकारिता में डिप्लोमा करने के बाद खेती-किसानी में लग गए हैं।

चंदन की खेती कहां कहां की जा सकती है

भारत में चंदन की खेती के मुख्य राज्य केरल एवं कर्नाटक हैं लेकिन अब अन्य राज्यों में भी इसके ट्रायल हो रहे हैं। केरल में चंदन का ऑयल कंटेंट चार फीसदी और कर्नाटक में तीन फीसदी है, जबकि इसके बाद पंजाब में 2.80 से तीन फीसदी, ओडिशा में ढाई फीसदी, महाराष्ट्र में दो फीसदी, मध्यप्रदेश में डेढ़ फीसदी और राजस्थान में डेढ़ फीसदी तक है।

स्पष्ट है कि पंजाब में चंदन की खेती की अपार संभावनाएं हैं और सूबा इसमें अग्रणी बन सकता है। चंदन की व्यावसायिक खेती कर पंजाब में भी ऑयल कंटेंट तीन फीसदी तक आसानी से लाया जा सकता है। रूटीन फसलें पैदा करने के साथ-साथ किसान अपने खेत के चारों तरफ की बट पर भी प्रति एकड़ अस्सी पेड़ लगाकर आमदनी बढ़ा सकता है।

चंदन के पौधे और चंदन की लकड़ी सफेद चंदन का पेड़ पहाड़ी और रेगिस्तानी प्रदेशों में भी लगाया जा सकता है। राजस्थान के छीपाबड़ौद के किसान नवलकिशोर अहीर ने चंदन की खेती कर ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिससे कृषि विभाग भी हैरत में है।

चन्दन की खेती के लिए कैसी मिट्टी की जरुरत है ?

इसकी खेती सभी तरह की मिटटी में हो सकता है लेकिन रेतीली मिटटी, चकनी मिटटी, लाल मिटटी , काली दानेदार मिट्टी चन्दन के पौधे की लिए ज्यादा उपयुक्त है | चन्दन की खेती वैसे जगह पर नहीं करे जहाँ पर पानी का जमाव होता है , बर्फ गिरती है, रेत भरी मिटटी है इसके अलवा तीव्र ठंड चन्दन के लिए उपयुक्त नहीं है। इसकी खेती काश्मीर के लाद्दक तथा राजस्थान के जैसलमेर में नहीं किया जा सकता है। बाकि पुरे देश में चन्दन की खेती की जा सकती है।

चन्दन की खेती कैसे करें ?

खेती के लिए मिट्टी के साथ पौधे का चुनाव करना महत्वपूर्ण रहता है। सफ़ेद चन्दन की 375 पौधे एक एकड़ खेत में लगाया जा सकता है। चन्दन की पौधों में ज्यादा पानी नहीं लगना चाहिए इसके लिए खेत में मेड बनाकर रोपाई करना चाहिए। इसके लिए मेड से मेड की दूरी 10 फुट होना चाहिए तथा मेड के ऊपर पौधे से पौधे की दूरी 12 फुट की होनी चाहिए।

चंदन के पौधे कैसे लगाएं

चन्दन की पेड़ अकेले नही लगाया जा सकता है अगर अकेले चन्दन का पेड़ लगाया गया तो यह सूख जाएगा। इसका कारण यह है की चन्दन अर्धपरजीवी पौधा है। मतलब आधा जीवन के लिए जरूरत खुद पूरा करता है तो आधे जरूरत के लिए दूसरे पौधे की जड़ों पर निर्भर रहता है। इसलिए जब भी चन्दन की पेड़ लगाएं तो उसके साथ और भी पेड़।एक बात का ख्याल रखना होगा की चन्दन के कुछ खास पौधे उसके साथ है जिसे लगाने पर ही चन्दन का विकास सम्भव है। जैसे – नीम, मीठी नीम, सहजन, लाल चंदा इत्यादी।

चंदन के पौधे किस अनुपात में लाए जाने चाहिए

जैसा की पहले बताया जा चूका है की चन्दन की पौधे अकेले जीवित नही रह सकता है। इसके लिए दुसरे पेड़ का होना जरुरी है। इसलिए एक एकड़ में 375 सफ़ेद चन्दन के पौधे लगाने के साथ ही 1125 चन्दन की होस्ट (साथी) पौधे को लगाना होगा। इसके लिए यह जानना जरुरी है की चन्दन की पोधे के साथ कौन – कौन से पौधे लगाना होगा यानि चन्दन की कौन – कौन सी पौधे साथी है।

एक एकड़ में चन्दन की पौधे के साथ उसके साथी पौधे को बोना चाहिए।

1-प्राथमिक साथी – 375
2-लाल चन्दन – 125
3- कैजुराइना – 125
4- देसी नीम – 125
5- सेकेंडरी होस्ट – 750
6- मीठी नीम – 375
7-सहजन – 375

चंदन की खेती के लिए पौधे कहाँ से खरीदें ?

चन्दन की खेती के लिए बीज तथा पौधे दोनों खरीदे जा सकते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की लकड़ी विज्ञान तथा तकनीक संस्थान (institute of wood science & technology) बेंगलोर में है। यहाँ से आप चन्दन की पौधे प्राप्त कर सकते हैं।
इसका पता है
Tree improvement and genetics division institute of wood science and technology
o.p. malleshwaram
bangalore – 506003 (india)

चंदन की खेती के लिए लाइसेंस कहां मिलेगा

किसानों में एक भ्रांतियां रहती है की इसकी खेती करने के लिए सरकार से लाइसेंस लेने की जरुरत पड़ती है लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। चंदन की खेती आप दूसरे पौधों की खेती की तरह कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार के लाइसेंस की जरूरत नहीं है। केवल पेड़ की कटाई के समय राज्य वन विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होगा जो आसानी से मिल जाता है और यह सभी तरह के पौधे में काटने से पहले लेना होता है।

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