बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मंगलसूत्र गिरवी रखकर टीवी खरीदा
Last Updated: अगस्त 1, 2020 " 09:00 अपराह्न"
नई दिल्ली: बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई पेरेंट्स को काफी महंगी पड़ रही है। स्कूल अपनी फीस वसूली के लिए नित नए तिकड़म लगा रहे हैं वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन एजुकेशन के कारण मिडल क्लास फैमिली की लाइफ ही गड़बड़ा गई है। कर्नाटक में एक महिला को बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मंगलसूत्र गिरवी रखना पड़ा क्योंकि टीचर्स का कहना था कि ऑनलाइन एजुकेशन के लिए घर में टीवी होना जरूरी है।
यह मामला कर्नाटक के गडग जिले का है। गडग के नागानुर गांव में रहने वाली कस्तूरी चलवदी ने अपने चार बच्चों की पढ़ाई के लिए 12-ग्राम सोने के मंगलसूत्र को एक टेलीविजन सेट खरीदने के लिए गिरवी रखा दिया। महिला ने बताया कि उन्होंने कहा, हमारे पास टीवी नहीं था, बच्चे दूसरों के घर जाते थे। शिक्षकों ने कहा कि टीवी देखो। बच्चों का भविष्य दांव पर था। किसी ने कर्ज नहीं दिया इसलिए मैंने सोचा कि मैं मंगलसूत्र गिरवी रखकर टीवी लाऊंगी। बता दें कि महिला का पति मुत्तप्पा दिहाड़ी मजदूर है। कोरोना के कारण उन्हें कोई काम नहीं मिल रहा था। उनके बच्चे कक्षा 7 और 8 में पढ़ रहे हैं और वो ऑनलाइन क्लास नहीं कर पा रहे थे। इसके अलावा ऐसे लाखों परिवार हैं जहां बच्चों की ऑनलाइन क्लास के लिए औसत ₹10000 के नए मोबाइल सेट या फिर औसत ₹25000 का लैपटॉप खरीदना पड़ा। इसके अलावा बड़ी समस्या यह है कि बच्चों को क्लास के लिए एक रूम खाली करके देना पड़ता है। जब तक क्लास चलती है तब तक उस रूम में कोई दूसरा काम नहीं हो पाता। 1BHK या फिर 1 रूम सेट वाले परिवारों के लिए निश्चित रूप से यह काफी मुश्किल है। स्कूल अपना खर्चा मांग रहे हैं, सरकार टैक्स वसूली में रियायत नहीं कर रही है सवाल यह है कि स्कूल फीस देने के बाद भी ऑनलाइन क्लास में होने वाला खर्चा पेरेंट्स क्यों अदा करें।