CM गहलोत ने SOG के सहारे ऐसे बनाया माहौल, पहले पायलट को किनारे-बीजेपी को किया ‘बदनाम’, अब सब निकला ‘झूठा’

  
Last Updated:  अगस्त 9, 2020 " 01:01 पूर्वाह्न"

राजस्थान सरकार को गिराने की साजिश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोपों को एसओजी ने खारिज कर दिया है। एसओजी ने मुख्य सचेतक महेश जोशी की ओर से दर्ज कराये गए तीनों केसों में एफआर लगाते हुए उन्हें बंद कर दिया है।

जयपुर:
राजस्थान की कांग्रेस सरकार के मुखिया अशोक गहलोत   करीब एक महीने से सचिन पायलट गुट की बगावत को बीजेपी की साजिश करार दे रहे हैं। इस दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, कांग्रेस विधायकों, बीजेपी नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों तक पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाए गए। यहां तक की मुख्य सचेतक की जरिए राजद्रोह की धाराओं में पुलिस केस (एसओजी) तक कर दिया गया। सरकार के दबाव में एसओजी ने भी पूर जोर कोशिशें की, विधायकों की धरपकड़, उनके वॉइस सेम्पल के लिए हरियाणा तक पहुंची लेकिन आखिर 28 दिन बाद राजद्रोह के इस केस की हवा फुस्स हो गई। एसओजी ने 28 दिन बाद मामला खत्म करते हुए एफआर लगा दी। अब न राजद्रोह का केस रहा न एसओजी की जांच, लेकिन आखिर इतने दिन तक एसओजी का भय और कानूनी कार्रवाई के माहौल से सियासत कैसे गरमाये रही? पढ़ें, पूरी कहानी

10 जुलाई को बीजेपी नेता की गिरफ्तारीएसओजी में पहला केस 10 जुलाई को दर्ज हुआ। इस मामले में माेबाइल नंबर सर्विलांस के बाद ब्यावर निवासी बीजेपी से जुड़े नेता भरत मालानी और उदयपुर निवासी अशाेक सिंह काे गिरफ्तार किया गया था। इसी केस में पायलट गुट के विधायकों समेत 16 काे नाेटिस जारी हुए थे। इसके जरिए सरकार ने बागी विधायकों पर शिकंजा करने की कोशिश की और बीजेपी पर भी साजिश के आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई का दबाव बनाया।



17 जुलाई को सरकार गिराने की साजिश की बात, राजद्रोह का केस
17 जुलाई को एसओजी सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। इसमें विधायकों को प्रलोभन देकर सरकार को गिराने की साजिश रचना बताया गया। महेश जोशी ने पेन ड्राइव में भंवरलाल शर्मा, संजय जैन और गजेंद्र सिंह की बातचीत का रिकॉर्डिंग भी दी। इसके बाद एसओजी ने आईपीसी 124 ए और 120 बी में गजेंद्र सिंह और संजय जैन के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया।

20 जुलाई को पायलट को बताया निकम्मा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 20 जुलाई को सचिन पायलट पर अब तक का सबसे बड़ा जुबानी हमला बोला। गहलोत ने मीडिया के बीच बातचीत में कहा कि ऐसी नौबत आई ही क्यों कि आज हमारेअपने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट कोर्ट पहुंच गए। उन्होंने कहा कि पायलट 7 साल प्रदेश के अध्यक्ष रहे, आलाकमान का उनपर इतना विश्वास था लेकिन जिस रूप से पिछले 6 महीने से उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर पार्टी से अलग होकर साजिश रची। उन्होंने ये भी कहा कि हम जानते थे कि वो निकम्मा है फिर भी पिछले सात साल में एक बार भी प्रदेशाध्यक्ष को हटाने की मांग नहीं की। उन्होंने पायलट को निकम्मा तक कहाा|

SOG के एडीजी अशोक राठौड़ ने क्या कहा?
एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने इस मामले में कहा है कि जब कोई फरियादी आता है तो सबसे पहले कानूनन उसकी एफआईआर दर्ज की जाती है। फरियादी के आरोप या मामला सही है या गलत? इसका पता तो अनुसंधान के बाद ही स्पष्ट होता है।

ACB ने भ्रष्टाचार माना, भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 के तहत जांच
हॉर्स ट्रेडिंग मामले में राजस्थान पुलिस की एसओजी ने पांच दिन पहले ही अपनी जांच बंद कर दी थी। और पूरा मामला एसीबी को सौंप दिया था। इस मामले में बुधवार को ही कोर्ट और एसओजी से फाइलें भी एसीबी को दे दी गईं। अब एसीबी धारा 7 और 7 ए भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 में जांच आगे बढ़ा रही है।

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