ऑपरेशन ग्रीन के तहत अमरूद तथा प्याज के परिवहन, भंडारण के लिए अनुदान सहायता मिलेगी,

  
Last Updated:  सितम्बर 4, 2020 " 09:20 अपराह्न"

रतलाम:4, सितम्बर, 2020(स्पष्ट खबर)| आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत अल्पकालीन समय में लाभ देने के लिए योजना संचालित की गई है। इस तारतम्य में ऑपरेशन ग्रीन के तहत अमरूद तथा प्याज के परिवहन तथा भंडारण के लिए शासन द्वारा अनुदान सहायता दी जाएगी। इस हेतु योग्य व्यक्ति, संस्था को www.sampda–mofpi.gov.in/login.aspx पर स्वयं सत्यापित का दस्तावेज अपलोड करना होंगे।
उपसंचालक उद्यानिकी श्री पी.एस. कनेल ने बताया कि जो दस्तावेज अपलोड करना होंगे। उनमें जिस अधिसूचित फसल का उत्पादन क्लस्टर में है उस योग्य फसल का देश फसल उत्पादक कृषक का विवरण, फसल की उत्पादन केंद्र से गंतव्य स्थान तक की चालान की प्रति जिसमें फसल परिवहन का भाड़ा दर्शाया गया हो, परिवहन चालान या रसीद जिसमें उस फसल का वजन टोल प्लाजा रसीद, जियो टैगिंग, फोटोग्राफ, ट्रक नंबर, परिवहन तारीख एवं समय जिसमें दर्शाया गया हो। भंडारण की रसीद जिसमें भंडारण के लिए फसल का भुगतान, विवरण, वजन, रसीद, जियो टैगिंग, फोटोग्राफ्स जिससे ट्रक से फसल का परिवहन किया गया है उसका नंबर, परिवहन, तारीख एवं समय प्रदर्शित हो तथा भंडारगृह का किराया, लीज एग्रीमेंट, किसानों को किए गए भुगतान, परिवहन शुल्क और भंडारण शुल्क को दर्शाने वाले बैंक स्टेटमेंट की कॉपी संलग्न करना होगी।
बताया गया है कि योजना का उद्देश्य लाकडाउन के दौरान किसान के नुकसान तथा फसल उत्पादन के पश्चात होने वाली हानि को कम करते हुए उचित मूल्य दिलाना है। योजना की अवधि अधिसूचना जारी होने से 6 माह तक की है। इस योजना अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करणकर्ता, कृषक उत्पादन कंपनी, सहकारी संस्था, व्यक्तिगत कृषक, लाइसेंस कमीशन एजेंट, निर्यातक, राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन, खेरची व्यापारी आदि समस्त जो फल एवं सब्जी के प्रकरण एवं विपणन में सम्मिलित हो, योजना अंतर्गत पात्र हैं। अनुदान प्रावधान में बताया गया है कि भंडारण के लिए जिले की जिस फसल को अधिसूचित किया गया है, उस फसल अंतर्गत कृषि उत्पादन संगठन, सहकारी संस्था, व्यक्तिगत कृषक हेतु 100 मेट्रिक टन उत्पादन खाद्य प्रसंस्करणकर्ता, निर्यातक, अनुज्ञप्ति प्राप्त आडतियों हेतु 500 मेट्रिक टन उत्पादन तथा क्षेत्र व्यापारी राज्य विपणन तथा सहकारी फेडरेशन के लिए एक हजार मैट्रिक टन उत्पादन हेतु अनुदान सहायता मिलेगी।
जो शर्तें निर्धारित की गई हैं उसके तहत फसल कटाई के समय उत्पादन का मूल्य, पिछले 3 वर्षों के औसत बाजार मूल्य से कम हो। फसल कटाई के समय पिछले साल के बाजार मूल्य की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक की गिरावट राज्य शासन केंद्र शासन द्वारा निश्चित अवधि में उत्पादन हेतु निर्धारित खरीदी दर से उत्पाद का बाजार मूल्य कम होने पर अनुदान सहायता मिलेगी। इसी प्रकार परिवहन में न्यूनतम दूरी, अधिसूचित फसल के अतिरिक्त उत्पादन को उत्पादन क्लस्टर से उपभोग केंद्र तक प्रसंस्करण इकाइयों, रिटेल आउटलेट अथवा बंदरगाह, हवाई अड्डे, इनलैंड कंटेनर डिपो, कंटेनर फ्रेट स्टेशन तथा भारत में पहुंचाने हेतु रोड, रेलवे, हवाई मार्ग के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करणकर्ता, कृषि उत्पादन संगठन, सहकारी संस्थाएं, व्यक्तिगत कृषक, अनुज्ञप्ति प्राप्त आडतिया एवं निर्यातक को न्यूनतम 100 किलोमीटर के लिए तथा राज्य विपणन सहकारी संस्थाओं को न्यूनतम के लिए सहायता मिलेगी।
परिवहन लागत भी तय की गई है जिसमें सामान्य ट्रक हेतु 2 रुपए 84 पैसे प्रति मेट्रिक टन प्रति किलोमीटर तथा रीफर वेन के लिए 5 रूपए प्रति मेट्रिक टन प्रति किलोमीटर तय किया गया है। भंडारण लागत के अंतर्गत वेयर हाउस हेतु 345 रूपए प्रति मेट्रिक टन प्रति सीजन तथा कोल्ड स्टोरेज के लिए 2000 रूपए प्रति मेट्रिक टन प्रति सीजन तय किया गया है। अधिकतम 3 माह में अनुदान राशि योग्य फसल पर देय होगी।

 1,812 total views

Facebook Comments

Related Posts

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *