सैलाना में कुशल संजीवनी अस्पताल संचालक के खिलाफ एफ आई आर की कार्रवाई प्रस्तावित-

  
Last Updated:  मई 28, 2021 " 11:37 पूर्वाह्न"

बगैर कोविड जांच कर रहे मरीजो का उपचार, डिग्री होम्योपैथिक की इलाज ऐलोपैथिक का –

रतलाम / सैलाना। कुशल संजीवनी अस्पताल संचालक के खिलाफ एफ आई आर की कार्रवाई प्रशासन ने प्रस्तावित कर दी है। प्रतिवेदन लिख कर रतलाम के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, सी एम एच ओ और एसडीएम सैलाना को भेजा है।

संजीवनी क्लीनिक की लगातार आ रही शिकायतों के चलते एसडीएम कामिनी ठाकुर के निर्देश पर तहसीलदार अरूण चंद्रवंशी ने विगत दिनो संजीवनी क्लिनिक का निरीक्षण किया और डाक्टर राहुल यादव से क्लिनिक के वैधानिक दस्तावेज मांगे। कारवाई के दौरान डाक्टर से प्रथम द्रष्टया पूछताछ मे पाया कि डाक्टर के पास सी एम एच ओ द्वारा जारी लाईसेंस २०१७ तक ही था। प्राईवेट क्लीनिक पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय नगर परिषद का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी होना चाहिए जो कि डाक्टर नहीं दिखा सके। अस्पताल मे उपस्थित मरीजो से तहसीलदार ने चर्चा की तो पता चला कि बगैर कोविड जांच के ही मरीजो का उपचार डाक्टर द्वारा किया जा रहा था। प्राईवेट क्लीनिक पर ज्यादातर मरीजो ने खुद को सर्दी खांसी जुकाम बुखार होना बताया पर किसी ने कोविड टेस्ट नहीं कराया था। जबकि सैलाना मे विगत दिनो पाजिटीव मरीजो की संख्या निरंतर बढती ही जा रही थी। एक ही बिल्डिंग मे क्लीनिक और मैडिकल भी संचालित किया जा रहा था तथा मैडिकल मे आयुर्वेदिक दवाइयां भी रखी हुई थी। पूरे मामले को लेकर तहसीलदार अरूण चंद्रवंशी ने डा यादव को सुनवाई का अवसर देते हुए दो बार नोटिस जारी किए। डाक्टर की ओर से ललित कसेरा द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों मे पूर्णता और वैधानिकता न होने के कारण प्रतिवेदन कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सी ई ओ, सी एम एच ओ को भेजा गया है। डा राहुल यादव बी एच एम एस है और ऐलोपैथिक की दवाए लिखते है। तहसीलदार चंद्रवंशी ने एफ आई आर की कारवाई प्रस्तावित करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा है। डा यादव की क्लीनिक पर ऐलोपैथिक के साथ साथ आयुर्वेदिक दवाईया भी उपलब्ध थी। डाक्टर के पास न तो मरीजों की कांटेक्ट हिस्ट्री निकली न प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एन ओ सी, और न ही सी एम एच ओ द्वारा जारी लाइसेंस। इससे भी बडी बात यह है कि बुखार के मरीजो का इलाज बगैर कोविड टेस्ट के कराया जा रहा था। मामले मे प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा गया है।

शिकायत प्राप्त हुई थी –
3 मार्च 2021 को एसडीएम कार्यालय में गोपनीय लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमे गर्भपात और प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण, कन्या भ्रूण हत्या और लाइसेंस न होने को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी।

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