सरकारी संस्था में कर्मचारियों के भर्ती नियमों को बदला, कांग्रेस ने आदेश को अवैध बताया –

  
Last Updated:  सितम्बर 24, 2021 " 08:39 अपराह्न"

भोपाल। प्रदेश की सरकारी संस्थाओं में चौकीदार, स्वीपर, लिपिक आदि पदों पर कर्मचारियों की भर्ती नियमों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रजिस्ट्रार ने एक आदेश जारी करके भर्ती की पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि रजिस्ट्रार द्वारा जारी किया गया आदेश अवैध है। उसे तत्काल निरस्त कर दिया जाना चाहिए। रजिस्ट्रार को कर्मचारियों के लिए सेवा नियम बनाने का अधिकार है परंतु भर्ती नियम बनाने का अधिकार नहीं है।

पूर्व केबिनेट मंत्री एवं मप्र कॉग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक भगवान सिंह यादव द्वारा आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाऐं मप्र भोपाल द्वारा दिनांक 09-09-2021 की अधिकारिता विहीन रूप से जारी आदेश की कड़ी आलोचना एवं भर्त्सना की है।

श्री यादव ने कहा है कि मप्र सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 55 (1) में पंजीयक को सोसायटियों के संचालन हेतु सेवाशर्ते/सेवानियम बनाने का अधिकार विधायिका द्वारा दिया गया है जिसमें समितियों में कर्मचारियों की नियुक्ति, भर्ती आदि नियमों का उल्लेख किया गया है।

इसके ठीक विपरीत पंजीयक सहकारिता द्वारा दिनांक 09-09-2021 को एक तुगलकी आदेश जारी कर प्रदेश की सभी सहकारी संस्थाओं को यह निर्देश जारी किये गये हैं कि किसी भी सहकारी संस्था में गार्ड, चौकीदार, स्वीपर, लिपिक आदि अनेक प्रकार की सेवाओं के लिये मप्र राज्य सहकारी संघ से ठेके पर कर्मचारी लेकर उनकी प्रतिपूर्ति की जावे।

जबकि राज्य सहकारी संघ की उपविधियों में इस प्रकार की सेवायें दिये जाने एवं अन्य सहकारी संस्थाओं को इस प्रकार की सेवायें राज्य सहकारी संघ से लिये जाने हेतु उनके सेवानियमों एवं उपविधियों में कोई उल्लेख नहीं है।

इस प्रकार पंजीयक सहकारिता म.प्र. द्वारा आदेश दिनांक 09-09-2021 जारी कर सहकारी संस्थाओं के ढांचे को तहस नहस करने का काम किया है। श्री यादव ने पंजीयक सहकारिता द्वारा जारी उक्त आदेश को तत्काल निरस्त किये जाने की मांग करी है।

 440 total views

Facebook Comments

Related Posts

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *