MP में जिंदा लोगों की कर दी अंत्येष्टि, फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर निकाल लिए करोड़ों रुपये.

  
Last Updated:  मार्च 16, 2024 " 02:35 अपराह्न"

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ हैं, 40 जिंदा लोगों को कागजों पर मरा बताकर सरकारी लाभ लेने की घटना सामने आई है। यहां सरकारी दस्तावेजों में 40 जिंदा महिला- पुरुषों को मरा सिद्ध कर दिया गया तथा उनके नाम पर सरकारी सहायता राशि ले लिया गया।

इस घटना को मध्य प्रदेश ऑनलाइन कियोस्क चलाने वाले लड़कों ने नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर अंजाम दिया है। एक महिला मजदूर को उसके प्रमाणपत्र के गलत उपयोग का शक हुआ तो वह नगर निगम दफ्तर पहुंची फिर फर्जीवाड़ा करने वाले इस गैंग का पर्दाफाश हुआ।
दरअसल, जबलपुर पुलिस ने एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है जो जिंदा लोगों का फेक डेथ सर्टिफिकेट (Death certificate) बनाकर सरकार की योजनाओं के तहत प्राप्त होने वाली राशि को निकाल लेते थे। पुलिस ने न्यू नेता कॉलोनी अधारताल निवासी शेख शहजाद, न्यू आनंद नगर हनुमानतल निवासी आकिब रफीक एवं मक्का नगर हनुमंत निवासी सलमान एवं मोहम्मद शेख सद्दाम को गिरफ्तार किया है। इनके पास पुलिस को 40 फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं। पुलिस के अनुसार, हनुमानताल थाना इलाके की निवासी सैयदा रिजवाना रिजवी ने शिकायत दर्ज कराई जिसमें बताया गया कि वर्ष 2020 में उसने मजदूरी कार्ड बनवाने के लिए शेख शहजाद नाम के व्यक्ति को आधार कार्ड एवं दूसरे दस्तावेज एवं पासपोर्ट साइज की फोटो दी थी। इसके साथ ही 5000 रुपए भी दिए थे। 6 महीने पश्चात् शेख शहजाद ने उसे मजदूरी कार्ड बनवाकर दे दिया। मगर कुछ महीने पश्चात् उसे पता चला कि शेख शहजाद मजदूरी कार्ड का गलत उपयोग कर रहा है।

इस संदेह पर वह नगर निगम दफ्तर में पहुंची तो पता चला कि उसके नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death certificate) बनाकर संबल योजना के तहत प्राप्त होने वाली अंत्येष्टि की राशि 6 हजार एवं सहायता राशि के 2 लाख रुपए निकाल लिए गए हैं। तब उसकी शिकायत पर पुलिस ने तहकीकात की तो आधारताल थाना क्षेत्र में एमपी ऑनलाइन की दुकान चलाने वाले शेख शहजाद एवं उसके दोस्त आकिब रफीक को गिरफ्त में लिया गया। अपराधियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अब तक 40 से अधिक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए हैं एवं इन मृत्यु प्रमाण पत्र (Death certificate) के माध्यम से मध्य प्रदेश शासन द्वारा चलाई जा रही संबल योजना के माध्यम से प्राप्त होने वाली राशि को बैंक खातों में ट्रांसफर कराया है। अपराधियों का एक साथी सलमान बैंक खातों की दस्तावेजों में एडिटिंग कर दूसरे दस्तावेज लगा दिया करता था तथा सरकार की तरफ से प्राप्त होने वाली राशि उन बैंक खातों में स्थानंतरित की जाती थी।

इस तरह करते थे हेराफेरी

इस दौरान पकड़े गए आरपियों के नाम शेख शहजाद, आकिब रकीफ और सलमान उर्फ सद्दाम शेख बताया जा रहा है। वहीं शेख शहजाद जबलपुर के आधारताल इलाके में कियोस्क संचालित करता था। आरोपी के पास जब कोई भी मज़दूर संबल योजना का कार्ड बनवाने आता तो वह उनके आधारकार्ड, बैंक पासबुक, समग्र आईडी जैसे तमाम अहम दस्तावेजों की कॉपी रख लेता था। हालांकि मज़दूर को तो उसका संबल योजना का कार्ड बनाकर दे दिया जाता था। लेकिन बाद में आरोपी द्वारा दस्तावेजों को स्कैन और एडिट किया जाता और फिर उसका फर्जी मृत्युप्रमाण पत्र बना लिया जाता था। वहीं इन्हीं फर्जी डेथ सर्टिफिकेट (Death certificate) को ये लोग नगर निगम में जमा करवाते थे और हकीकत में जिंदा लोगों की अंत्येष्टि के नाम पर 6-6 हज़ार रुपए की सहायता राशि और 2-2 लाख रुपयों की सामाजिक सुरक्षा क्लेम की राशि निकलवा ले लेते।

ऐसे खुला मामला-

मामला तब खुला जब सैयदा रिज़वाना रिज़वी नाम की एक महिला को अपने दस्तावेजों के दुरुपयोग का शक हुआ। महिला ने शेख शहज़ाद के कियोस्क से अपना संबल कार्ड बनवाया था। वहीं महिला को कुछ लोगों की मुंह जबानी पता चला कि कियोस्क संचालक लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करता है। जब महिला ने शक के आधार पर अपना सरकारी रिकॉर्ड चेक करवाया तो पता चला कि कागज़ों में उसे मरा हुआ घोषित किया जा चुका है। महिला ने इस बात की शिकायत आधारताल पुलिस थाने में की थी। पुलिस ने उन बैंक खातों की जांच की जिसमें सैयदा रिजवी के मृत क्लेम की राशि क्रेडिट हुई थी। वहीं खाता आकिब रफीक का था जिसे पुलिस ने धर दबोचा, जिसके बाद जांच में खुलासे होते चले। जहां, पता चला कि शेख शहजाद के कियोस्क से लोगों के फर्जी डेथ सर्टिफिकेट (Death certificate) बनाकर मृत क्लेम की राशि हड़पने का गिरोह चल रहा था। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जिनके पास से 40 फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बरामद हुए हैं।

 916 total views

Facebook Comments

Related Posts

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *