MP: 66.50 लाख के गबन में पूर्व सरपंच को 5 साल और उपयंत्री को 10 साल की सजा
Last Updated: अप्रैल 28, 2026 " 02:48 अपराह्न"
भोपाल । मध्य प्रदेश के खरगोन (Khargon) जिले के बड़वाह जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत पडाली खुर्द में सामने आए 66.50 लाख रुपये के गबन मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। इस मामले में तत्कालीन सरपंच और उपयंत्री को दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई है।
प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने मामले में दोषी पाए गए तत्कालीन सरपंच घनश्याम (पिता गेंदालाल पटेल) को 5 वर्ष तथा तत्कालीन उपयंत्री सतीश कुमार पांडे को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और कपिलधारा कूप निर्माण योजना (Kapildhara well construction scheme) से जुड़ा है, जिसमें विकास कार्यों के नाम पर बड़ी राशि के दुरुपयोग का खुलासा हुआ था
फैसला सुनाते हुए कोर्ट की सख्त टिप्पणी-
साल 2007-08 में किया गया भ्रष्टाचार,
सरपंच, इंजीनियर और सचिव की मिलीभगत।
मनरेगा और कपिल धारा कूप में भ्रष्टाचार।
बगैर काम के 66.50 लाख रुपए निकाल लिए।
साल 2013 में शिकायत और कोर्ट पहुंचा मामला।
सरपंच को 5 साल इंजीनियर को 10 साल की सजा।
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2007-08 के दौरान आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य नहीं कराए। इसके बावजूद फर्जी प्रविष्टियां कर राशि आहरित की गई और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। फर्जी बैंक चेक के माध्यम से करीब 66.50 लाख रुपये निकालकर निजी उपयोग में लेने का भी आरोप सिद्ध हुआ।
जांच में आरोप सही पाए गए-
इस पूरे प्रकरण की शिकायत हंसराजसिंह भाटिया द्वारा की गई थी। जनपद पंचायत स्तर पर जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
बिना काम कराए, राशि निकालना विश्वासघात है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का कर्तव्य विकास कार्यों को गति देना होता है, लेकिन आरोपियों ने अपने दायित्वों के विपरीत आचरण किया। बिना कार्य कराए शासकीय राशि का आहरण करना शासन और जनता दोनों के साथ विश्वासघात है, इसलिए आरोपियों के प्रति नरमी नहीं बरती जा सकती।