विदाई के बाद फिर लौटेगा मानसून, MP में आज से 4 दिन आंधी-बारिश के आसार

  
Last Updated:  अक्टूबर 15, 2026 " 10:47 पूर्वाह्न"

भोपाल(स्पष्ट खबर)। मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंडक के बीच अब प्रदेश में आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 से 18 अक्टूबर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदला रहेगा।

विभाग के अनुसार गुरुवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, नीमच और मंदसौर में बारिश की संभावना है। इसके बाद 16, 17 और 18 अक्टूबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम के कारण मौसम में यह बदलाव आ रहा है। सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल संभाग में देखने को मिलेगा, जबकि उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में भी बौछारें पड़ सकती हैं।

इस साल 1.5 इंच कम बरसा पानी
इस साल प्रदेश में मानसून सामान्य से कमजोर रहा। जून से सितंबर के बीच कुल 908.4 मिमी (35.8 इंच) बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 949.5 मिमी (37.3 इंच) है। यानी करीब 1.5 इंच कम पानी बरसा और कुल बारिश सामान्य से लगभग 4% कम रही।

हालांकि पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश में अंतर बड़ा रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4% ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी मप्र में 12% की कमी दर्ज की गई। पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नीमच, रतलाम, सीहोर, उज्जैन और विदिशा समेत 20 जिलों में 9 से 51% तक कम बारिश हुई। पूर्वी मप्र में जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल संभाग में औसत से ज्यादा पानी गिरा, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, सिवनी समेत कुछ जिलों में अभी भी कमी बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार जून में 14% कम बारिश ने पूरे सीजन का गणित बिगाड़ दिया। जुलाई में सुधार हुआ, लेकिन दो बार मानसून ब्रेक के कारण कमी पूरी नहीं हो पाई।

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