रतलाम :प्रवासी – अप्रवासी झोलाछाप डॉक्टरों व लोगो की पहचान करना आवस्यक-

  
Last Updated:  जुलाई 28, 2021 " 12:19 अपराह्न"

रतलाम /सैलाना (सुनील परिहार)| रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों से रोज हो रहा है ग्रामीणों के जीवन से खिलवाड़| कोरोना संक्रमण महामारी की पहली लहर के बाद दूसरी लहर और मानसून में मौसम जनित बीमारियों से जहां आम नागरिक परेशान है वही अमानक स्तर की सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा नागरीको के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर चांदी काटी जा रही है। जो कि अधिकांश अप्रवासी है और जिनमें से कईयों के पास वैध दस्तावेज भी नहीं है, (लॉक डाउन 2 मैं सैलाना तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी ने सरवन में ही ऐसे झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई करी थी| अधिकांश झोलाछाप डॉक्टर बंगाली भाषी आप्रवासी है, जिनका समुचित रिकॉर्ड पुलिस विभाग या स्वास्थ्य विभाग के पास भी नहीं है ऐसे में यदि इनके द्वारा किया गया गलत उपचार से कोई जनहानि होती है या अवैध गतिविधियों में लिप्त कोई अप्रवासी झोलाछाप डॉक्टर के रूप में किसी गंभीर वारदात को अंजाम दे फरार हो जाए तो ऐसी स्थिति में शासन प्रशासन के नुमाइंदों के पास सिवाय हाथ मलने के कोई चारा ही नहीं रहेगा। उल्लेखनीय है कि जावरा हुसैन टेकरी से भी पुलिस ने कुछ अप्रवासी महिलाओं को गिरफ्तार किया था जोकि जांच में बांग्लादेश से आए हुए पाए गए थे और जो अवैध रूप से यहां रह रहे थे। प्रतीत होता है कि क्षेत्र में अवैध आप्रवासी झोलाछाप डॉक्टरों ने एक सिंडीकेट बना रखा है जिसमें ग्रामीण आमजन फंसते जा रहे हैं,। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश के कई इलाकों में अभी कई सारे अप्रवासी छुपे हुए हैं जो कि अपने नाम और पहचान छुपाकर या गलत बताकर निवास कर रहे हैं ऐसे में प्रशासन के पास क्षेत्र के झोलाछाप डॉक्टरों , अप्रवासियों का सारा कच्चा चिट्ठा होना जरूरी है। पूर्व में भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्यवाही भी की गई थी जो कि बाद में ठंडे बस्ते में चली गई।

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