पत्थर मारकर हत्या करने वाले आरोपी को 10 साल की जेल एवं 10 हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया
Last Updated: अगस्त 22, 2025 " 12:11 पूर्वाह्न"
पत्थर मारकर हत्या करने वाले आरोपी को 10 साल की जेल एवं 10 हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया
Badwani: प्रधान एवं सत्र न्यायाधीष जिला बडवानी श्री महेंद्र कुमार जैन द्वारा आरोपी दीना उर्फ दिनेश पिता छगन तरोले निवासी ग्राम कामोदवाड़ा थाना नांगलवाडी को धारा 304 भाग एक भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला बड़वानी दुष्यंतसिंह रावत एवं सरदार सिंह अजनारे द्वारा की गई। अभियोजन मीडिया प्रभारी राजमल सिंह अनारे सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला बड़वानी ने बताया कि थाना नांगलवाड़ी पर पदस्थ उपनिरीक्षक राजीवसिंह औशाल को सूचनाकर्ता/फरियादीया रमाबाई ने सूचना दी कि घटना 07 मई 2024 को फरियादीया का देवर आरोपी दीना उर्फ दिनेश महाराष्ट्र से काम करके उसकी बहन के यहां आकर रूका था और अगले दिन करीबन 4 बजे दोपहर में घर आया था घर पर उसका पति मकराम, उसकी लड़की मसरी व सास-ससुर छगन व बदीबाई थे, फरियादीया पानी भरकर घर वापस आयी तो फरियादीया का पति, उसकी बहन रैमा की शादी होने से जाने की तैयारी कर रहा था, उन्होने दिनेश को रूपये दे रखे थे, फरियादीया के पति ने दिनेश से बोला कि उसे शादी में जाना है, उसे 4 हजार रूपये दे दे तो दिनेश बोला कि उसके पास नहीं है । इसी बात पर से दोनो में विवाद हो गया, बोलचाल बढ़ गई और फिर दिनेश ने पास में पड़ा पत्थर उठाकर मकराम को मारा था तथा आरोपी दिनेश ने दुसरा पत्थर उठाकर मकराम को मारा तो मकराम बचने के लिये पीछे मुड़ा तो पत्थर उसके बांये तरफ कान में सिर में लग गया और वह वहीं पर गिर गया। उसके सिर से खून निकलने लगा, बेहोश हो गया, वहां पर छगन, लड़की मसरी व बदीबाई दौड़कर पास में गये तब तक आरोपी दिनेश वहां से भाग गया। मेरे पति मकराम को गांव के जगन व परिवार वाले इक्को गाड़ी से लेकर सेंधवा सरकारी अस्पताल ले गये, वहां से उनको चर्च अस्पताल ले गये, जहां डॉक्टर द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया । जिसके बाद फरीयादीया अपने परिवार के साथ आरोपी के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अनुसंधान के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया और प्रकरण की विवेचना पूर्ण कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण को जघन्य एंव सनसनी खेज प्रकरण के तौर पर चिन्हित किया गया था प्रकरण की लगातार मानिटरिंग पुलिस अधिक्षक द्वारा की जा रही थी।