उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तिरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया-
Last Updated: जुलाई 3, 2021 " 12:20 पूर्वाह्न"
देहरादून| आखिरकार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री तिरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बेबीरानी मौर्य को इस्तीफा सौंप दिया। वहीं, इससे पहले सीएम ने रात करीब दस बजे प्रेसवार्ता कर सबको चौंका दिया था। अटकलें थीं कि सीएम तीरथ प्रेसवार्ता में अपने पद से इस्तीफे का एलान कर सकते हैं। लेकिन इस दौरान उन्होंने बाकी किसी भी राजनीतिक मुुद्दे पर बोलने की बजाय अपनी सरकार के काम गिनाए। अब शनिवार को देहरादून में बीजेपी विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी। सभी भाजपा विधायकों को 11 बजे तक बैठक में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने कोविड को लेकर राहत देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विद्यालयी शिक्षा, संस्कृति एवं सूचना और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में सहायता दी गई है। बड़ी संख्या में प्रदेश में रोजगार के लिए अवसर पैदा किए गए हैं। राजकीय विभागों में सीधी नियुक्ति के प्रयास किए गए हैं। कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क किताबें देने की योजना तैयार की गई है।
रावत नेजेपी नड्डा को की थी इस्तीफे की पेशकश बता दें कि तीरथ सिंह रावत ने 10 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। अपने 115 दिन के कार्यकाल के बाद आज ही उन्होंने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से इस्तीफे की पेशकश की थी। सूत्रों के अनुसार तीरथ सिंह रावत ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को दिए खत में कहा है कि वे पार्टी के सामने कोई संकट नहीं पैदा करना चाहते हैं और इसलिए वे अपने पद से इस्तीफे की पेशकश कर रहे हैं।
उनका कहना था कि पद पर बने रहने के लिए 10 सितंबर तक उनका विधानसभा सदस्य निर्वाचित होना जरूरी था। प्रदेश में फिलहाल विधानसभा की दो सीटें, गंगोत्री और हल्द्वानी रिक्त हैं जहां उपचुनाव कराया जाना है। चूंकि राज्य में अगले ही साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होना प्रस्तावित है और इसमें साल भर से कम समय बचा है। ऐसे में लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 151 ए के तहत अब इस स्थिति में उप-चुनाव नहीं हो सकता है। विज्ञापन