रतलाम जिले में एक ऐसी भी नगर परिषद जो व्यापार से कोई कर वसूली नहीं करती-
Last Updated: नवम्बर 25, 2021 " 09:48 अपराह्न"
स्थानीय व्यापारी हुए लामबंद , ज्ञापन सौंपा कर कहा बाहरी व्यापारियों पर प्रतिबंध लगाये या वसूले कर-
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में नगर परिषद धामनोद शायद एकलौती एसी नगर परिषद है जो बाहरी व स्थानीय फेरी, रेहरी व्यापारियों से कोई कर वसूली नहीं करती है लेकिन अब धामनोद नगर में बगैर कर के बाहरी व्यापारियों द्वारा व्यापार करने को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने आपत्ती लि है । बाहरी व्यापारीयों के व्यापार पर प्रतिबंध या कर लगाने की मांग को लेकर धामनोद नगर के व्यापारीयों ने कार्यालय नगर परिषद धामनोद पहुंच कर नगर परिषद सीएमओ के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। नगर के फूटकर, फेरीवालों सहित अन्य व्यापारीयों ने ज्ञापन के माध्यम से सीएमओ से मांग करी हैं कि नगर में बाहरी व्यापारी बगैर कर के फेरी, रेहड़ी लगाकर व्यापार करते हैं जिससे हमारा व्यापार नहीं चलता तथा नगर परिषद की इनकम भी नहीं होती है।
नगर में प्रतिदिन 30 से 40 बाहरी व्यापारी , फेरी वालें व्यापार करते हैं।
धामनोद नगर में प्रतिदिन दूध, फल,सब्जी, गार्मेंट, चूड़ी, अगरबत्ती, मिर्च मसाला , भंगार आदी का व्यापार बाहरी व्यापारीयों द्वारा किया जाता जिनपर नगर परिषद द्वारा इन व्यापारी फेरी वालों पर किसी प्रकार का टैक्स वसूली नहीं किया जाता है , नगर के स्थानीय चूड़ी व्यापारी राधेश्याम लक्षकार ने स्पष्ट खबर को बताया की जब नगर के व्यापारी हाट बाजार व अन्य गांव शहरों में फेरी व रेहड़ी लगाकर व्यापार करते हैं तो वहां पर हमसे टैक्स वसूली करी जाती हैं लेकिन जब हमारे नगर में बाहरी व्यापारी फेरी रेहड़ी लगाकर व्यापार करता है तो नगर परिषद उनपर कोई टैक्स नहीं लगाती है बाहरी व्यापारी नगर में आकर बगैर टैक्स चुकाए व्यापार कर स्थानीय व्यापारीयों का व्यापार प्रभावित करने के साथ ही स्थानीय प्रशासन को राजस्व की हानी पहुंचा रहे है ।
नगर परिषद ने बाहरी व्यापारीयों पर वर्षो पूर्व कर लगाया लेकिन वसूली नहीं करी जा रहीं-
नगर परिषद द्वारा पूर्व में जारी प्रेस विज्ञप्ति
पूर्व में नगर परिषद धामनोद के सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों की सहमति से निर्णय अनुसार नगर में बाहर से आकर व्यापार करने वालों पर कर लगाये जाने का निर्णय लिया गया था । जिसके अंतर्गत नगर में बाहर से नगर में आकर विभिन्न वस्तुओं का विक्रय करने वाले व्यापारीयों से पिकअप वाहन के 200 रूपए, आटो रिक्शा के 100 रूपए , हाथठेला के 50 रूपए व अन्य वाहन के 50 रूपए एवं 25 रूपए प्रतिदिन के मान से वसूली किया जाना निर्धारित किया गया था
तथा तदसमय जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया था की बाहरी व्यापारियों पर कर लगाने पर नगर परिषद को अतिरिक्त आय हो ने के साथ ही स्थानीय व्यापारियों को भी राहत मिलना बताया गया था। लेकिन नगर परिषद ने कुछ दिनों में ही बाहरी व्यापारियों से कर वसूली बंद कर दी और नगर परिषद को अतिरिक्त आय होने एवं स्थानीय व्यापारियों को राहत मिलने की बात हवा-हवाई हो गई।
नगर परिषद कार्यालय पर दिये गये ज्ञापन में
राधेश्याम लक्षकार, गुड्डू पग्गी, निलेश परिहार, महेश मोदी, लक्ष्मीनारायण साक्षी गारमेंट्स ,नारायण शर्मा, मुकेश राव, मुकेश शर्मा सहित स्थानीय 35 व्यापारीयों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन नगर परिषद कार्यालय पहुंच कर प्रभारी सीएमओ की अनुपस्थिति में नगर परिषद के लक्ष्मीकांत शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया है
नगर परिषद द्वारा व्यापारियों से कहा है की बाहरी व्यापारियों द्वारा नगर में व्यापार करने पर कर वसूली करी जाएगी।